LPU हिंसा पर अशोक मित्तल का बड़ा दावा, बोले- छात्रों को भड़काकर कराई गई तोड़फोड़
जालंधर/फगवाड़ा। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हाल ही में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय के मालिक और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने घटनाक्रम को एक सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश और फोन कॉल के जरिए छात्रों को उकसाया गया, जिसके बाद कैंपस में हिंसा और तोड़फोड़ की स्थिति पैदा हुई।
दुष्कर्म के आरोपों को बताया झूठा
अशोक मित्तल ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों पर कहा कि कैंपस के अंदर ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उनके मुताबिक, एक भ्रामक ऑनलाइन संदेश के बाद छात्रों के बीच फोन और सोशल मीडिया के जरिए बातें फैलाई गईं, जिससे माहौल बिगड़ा। उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
हालांकि, इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस की एसआईटी ने 30 से अधिक छात्रों से पूछताछ की है। रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ में शामिल छात्रों में से किसी ने कथित पीड़िता की पहचान या उसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेश के स्रोत का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।
छात्रों को उकसाने का आरोप
मित्तल ने कहा कि एक भ्रामक संदेश के बाद छात्रों को फोन के माध्यम से कथित तौर पर उकसाया गया। उनका कहना है कि हिंसा में बाहरी तत्वों के साथ कुछ छात्र भी शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी छात्र की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
LPU प्रशासन की ओर से भी कैंपस हिंसा में बाहरी लोगों की संभावित भूमिका की जांच की बात कही गई है। विश्वविद्यालय ने करीब 30 से 40 छात्रों को जांच के दायरे में रखा है और CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
तोड़फोड़ और लूटपाट से आहत
अशोक मित्तल ने कैंपस में हुई तोड़फोड़ और लूटपाट पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और हिंसा करना गंभीर विषय है। उनके मुताबिक, यदि जांच में किसी छात्र की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
LPU के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर सौरभ लखनपाल ने भी कहा है कि CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कुछ बाहरी लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की बात कही।
पंजाब के खिलाफ साजिश का दावा
अशोक मित्तल ने इस घटनाक्रम को केवल LPU तक सीमित नहीं बताते हुए इसे पंजाब के खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने दावा किया कि ऐसी गतिविधियों का असर पंजाब की अर्थव्यवस्था, जालंधर और फगवाड़ा के कारोबारी माहौल पर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में हिंदू-सिख एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
इन राजनीतिक और साजिश संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मित्तल ने खुद भी कहा कि किसी राजनीतिक साजिश के संबंध में ठोस सबूत मिलने के बाद ही वह इस पर आगे बात करेंगे।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला, CBI जांच की मांग
LPU हिंसा का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। एक छात्र ने हालिया हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। 30 सितंबर को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से सोशल मीडिया पर प्रसारित उस पोस्ट और उससे जुड़े घटनाक्रम पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होनी है।
याचिका में LPU के चांसलर अशोक मित्तल के राजनीतिक दल बदलने को भी घटनाक्रम के संदर्भ में उठाया गया है। वहीं, इस मामले पर विपक्ष की ओर से भी राजनीतिक आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों और दावों पर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आए हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल LPU परिसर में हुई हिंसा और उसके पीछे सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों की जांच जारी है। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट के स्रोत, उसमें किए गए दावों और हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन भी CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर छात्रों की भूमिका की जांच कर रहा है।
मामले में हाईकोर्ट द्वारा स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।