GST सुधारों से व्यापार जगत में बढ़ेगा विश्वास, कारोबार को मिलेगी नई ऊर्जा: परमजीत सिंह पम्मा
नई दिल्ली। GST काउंसिल द्वारा व्यापार और उद्योग जगत के हित में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों का सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान परमजीत सिंह पम्मा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि GST व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यापारियों के अनुकूल बनाने की दिशा में लिए गए फैसले देश के करोड़ों कारोबारियों के लिए राहत और विश्वास का संदेश हैं।
हालिया GST काउंसिल बैठक में टैक्स व्यवस्था को आसान बनाने और कारोबारियों के लिए अनुपालन का बोझ कम करने से जुड़े कई सुधारों को मंजूरी दी गई। इनमें GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति हटाना, अभियोजन की सीमा बढ़ाना, रिफंड प्रक्रिया को तेज करना और GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाना प्रमुख हैं।
व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर जोर
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि रिफंड प्रक्रिया को तेज करना, अनावश्यक गिरफ्तारी के प्रावधानों में सुधार, आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाना, ईमानदार खरीदारों के Input Tax Credit की सुरक्षा और GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाना व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग ऐसी कर व्यवस्था की मांग करता रहा है, जिसमें ईमानदार कारोबारियों को सम्मान मिले और अनावश्यक भय व उत्पीड़न समाप्त हो। उनके मुताबिक, GST काउंसिल के नए फैसले सरकार और व्यापारियों के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम हैं।
गिरफ्तारी और अभियोजन नियमों में बदलाव
GST काउंसिल ने GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति हटाने और अभियोजन की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। साथ ही न्यूनतम दंड को हटाकर मामले के अनुसार जुर्माना या अन्य सजा तय करने का अधिकार न्यायिक प्रक्रिया पर छोड़ा गया है।
सरकार की ओर से इन बदलावों को कारोबार के लिए अधिक भरोसेमंद और सरल GST व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार बताया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नए GST सुधारों का स्वागत करते हुए इन्हें तेज फैसलों, कम अनुपालन लागत, ऑटोमेटेड रिफंड और भरोसे पर आधारित प्रशासन से जोड़ा है।
रिफंड और GST रजिस्ट्रेशन में राहत
GST काउंसिल ने रिफंड प्रक्रिया को भी तेज करने की दिशा में कदम उठाए हैं। रिफंड की प्राप्ति की पुष्टि की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की गई है। साथ ही जोखिम आधारित प्रणाली के जरिए बड़ी संख्या में रिफंड दावों को तेजी से मंजूरी देने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी सुधार प्रस्तावित हैं। कम जोखिम वाले आवेदनों को तीन कार्यदिवस के भीतर स्वतः मंजूरी देने और बड़ी संख्या में पात्र संशोधनों को ऑटो-अप्रूवल व्यवस्था में लाने की बात कही गई है।
छोटे और मध्यम व्यापारियों का बढ़ेगा मनोबल
पम्मा ने कहा कि किसी भी नीति की वास्तविक सफलता उसके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से होती है। इसलिए इन सुधारों को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापारी हित की भावना के साथ लागू किया जाना जरूरी है, ताकि छोटे, मध्यम और बड़े कारोबारियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि GST सुधारों से विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों का मनोबल बढ़ेगा। कारोबार करने में आसानी होगी और व्यापारिक समुदाय में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत होगा। इससे बाजार में नई ऊर्जा आने के साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़: पम्मा
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। जब व्यापारी भयमुक्त, सम्मानजनक और विश्वास के वातावरण में कारोबार करेगा, तभी व्यापार, रोजगार और अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने इन सुधारों के लिए भारत सरकार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और GST काउंसिल का आभार व्यक्त किया। पम्मा ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए इसी सकारात्मक सोच के साथ समाधान करेगी।
GST काउंसिल की ताजा बैठक में दरों में बदलाव के बजाय मुख्य रूप से प्रक्रिया, अनुपालन, रिफंड, रजिस्ट्रेशन और प्रवर्तन व्यवस्था को आसान बनाने पर जोर दिया गया है।