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Ghaziabad Widow Woman Gets House Possession After 6 Years, DM Ravindra Kumar Mandad Takes Action

By aonenewstv | Published: Oct 11, 2026 01:42 AM

गाजियाबाद: डीएम की पहल पर 6 साल बाद विधवा महिला को मिला मकान पर कब्जा, जनसुनवाई में शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

गाजियाबाद। जनसमस्याओं के निस्तारण और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए जिला प्रशासन की पहल के तहत मोदीनगर निवासी विधवा महिला अंजली को छह साल बाद अपने मकान पर कब्जा मिल गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच की और आवश्यक कार्रवाई करते हुए महिला को उसके मकान पर कब्जा दिलाया। लंबे समय से अपने अधिकार के लिए परेशान अंजली ने राहत मिलने पर जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया।

पति की मृत्यु के बाद चार बच्चों की जिम्मेदारी

पीड़िता अंजली, पत्नी स्वर्गीय अशोक कुमार, निवासी कृष्णा नगर, गली नंबर-2, मोदीनगर, गाजियाबाद ने बताया कि उनके पति का वर्ष 2015 में निधन हो गया था। पति अपने पीछे उन्हें और चार बच्चों को छोड़ गए थे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं।

अंजली के अनुसार, उनकी ससुराल संजय कॉलोनी, अर्थला में है। वर्ष 2020 में उनके जेठ ने मकान में शौचालय और स्नानघर बनवाने की बात कहकर उन्हें कुछ समय के लिए घर से बाहर भेज दिया था। लेकिन जब वह अपने बच्चों के साथ वापस लौटीं, तो उन्हें मकान में दोबारा प्रवेश कर कब्जा लेने नहीं दिया गया।

इसके बाद से वह अपने मकान पर अधिकार पाने के लिए लगातार प्रयास करती रहीं। उन्होंने पुलिस चौकी, थाने और संबंधित अधिकारियों के यहां कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। लंबे समय तक परेशान रहने के कारण उन्हें अपने और बच्चों के भविष्य को लेकर भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

जनसुनवाई में शिकायत के बाद प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

लंबे समय तक परेशान रहने के बाद अंजली को जानकारी मिली कि जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं। इसी उम्मीद के साथ वह सितंबर माह में जिलाधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों ने पीड़िता से पूछताछ की और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच के उपरांत प्रशासन ने अंजली को उनके मकान पर कब्जा दिलाया।

इस कार्रवाई से छह साल से अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही महिला को बड़ी राहत मिली। मामले ने जनसुनवाई के माध्यम से शिकायतों के निस्तारण और जरूरतमंदों तक प्रशासनिक सहायता पहुंचाने के महत्व को भी सामने रखा।

जिलाधिकारी को बताया गरीबों का मसीहा

मकान पर कब्जा मिलने के बाद अंजली ने भावुक होकर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर होने से उन्हें और उनके बच्चों को राहत मिली है।

अंजली ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी इसी तरह गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की समस्याएं सुनकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने जिलाधिकारी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की भी प्रार्थना की।

पीड़िता ने कहा कि गरीबों, कमजोरों और परेशान लोगों के लिए जिलाधिकारी मसीहा बनकर आए हैं। उनके हस्तक्षेप से उन्हें वर्षों बाद अपने मकान पर अधिकार मिल सका।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति भी जताया आभार

अंजली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है, जो संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ जनसमस्याओं के समाधान के लिए काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की पहल से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन की आभारी हैं।

कब्जा दिलाने के दौरान अधिकारी रहे मौजूद

महिला को मकान पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अजीत कुमार सिंह, एसीपी साहिबाबाद, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई कार्रवाई से अंजली को अपने मकान पर अधिकार पाने में राहत मिली। यह मामला दर्शाता है कि शिकायतों की गंभीरता से जांच और संबंधित विभागों के समन्वय से लंबे समय से परेशान लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

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