📅 Loading Date & Time...
होम > राजनीति > न्यूज़

Akhilesh Yadav JPNIC Visit: अखिलेश के दौरे को ब्रजेश पाठक ने बताया नाटक

By aonenewstv | Published: Oct 11, 2026 11:05 AM

अखिलेश यादव JPNIC पहुंचे, जयप्रकाश नारायण को दी श्रद्धांजलि; ब्रजेश पाठक बोले- यह सिर्फ नाटक

लखनऊ: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) पहुंचे और जेपी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान JPNIC को लेकर समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के दौरे को नाटक बताया, जबकि अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार जयप्रकाश नारायण की याद में बने स्मारक को बेच रही है।

अखिलेश यादव ने सरकार पर लगाए आरोप

JPNIC का दौरा करने के बाद अखिलेश यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जेपी ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था और उनके आंदोलन से देश में परिवर्तन आया। उन्होंने समाजवाद की विचारधारा को आगे बढ़ाया और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान नहीं करती। उनके मुताबिक, जयप्रकाश नारायण की याद में इतना बड़ा स्मारक बनाया गया था, लेकिन अब सरकार इससे भी मुनाफा कमाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि सरकार के लिए विचारों से ज्यादा पैसा महत्वपूर्ण हो गया है। अखिलेश ने दावा किया कि सरकार जितना दबाव बनाएगी, उतना ही PDA मजबूत होगा। उन्होंने प्रदेश में राजनीतिक परिवर्तन होने की बात भी कही।

ब्रजेश पाठक ने बताया राजनीतिक नाटक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के JPNIC दौरे पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक नाटक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी महापुरुषों, डॉ. राममनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के नाम का इस्तेमाल अपने कार्यकाल की कमियों से ध्यान हटाने के लिए कर रही है।

ब्रजेश पाठक ने JPNIC परियोजना की लागत को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान जिस परियोजना की शुरुआती लागत 17 करोड़ रुपये बताई गई थी, वह बढ़कर 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई? उन्होंने परियोजना में फाइव स्टार सुविधाओं और स्विमिंग पूल जैसी व्यवस्थाओं पर खर्च को लेकर भी सवाल किया।

JPNIC को लीज पर देने के फैसले पर विवाद

JPNIC को लेकर विवाद का एक बड़ा मुद्दा इसे निजी कंपनियों को लीज पर देने का फैसला है। राज्य सरकार ने अगस्त 2026 में केंद्र को निजी कंपनियों के माध्यम से पूरा करने और संचालित करने की व्यवस्था को मंजूरी दी थी। इस फैसले का समाजवादी पार्टी ने विरोध किया है।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि JPNIC को बेचने के आरोप गलत हैं। उनके मुताबिक, केंद्र को बेहतर प्रबंधन और बचे हुए निर्माण कार्य को पूरा करने के उद्देश्य से लीज पर दिया गया है, ताकि सरकारी धन का उचित इस्तेमाल हो सके।

दूसरी ओर, अखिलेश यादव का आरोप है कि सरकार जयप्रकाश नारायण की विरासत से जुड़े स्मारक को व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।

जनता के पैसे और परियोजना की लागत पर सवाल

JPNIC की निर्माण लागत को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ब्रजेश पाठक ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई का इस्तेमाल किस तरह की सुविधाओं पर किया गया, इसका जवाब अखिलेश यादव को देना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी इस केंद्र को जयप्रकाश नारायण की विचारधारा और विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान मानती है।

उपमुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार, कदाचार और परिवारवाद के खिलाफ संघर्ष किया था। उनके अनुसार, महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों पर चलकर ही दी जा सकती है।

JPNIC बना सपा-बीजेपी के बीच राजनीतिक मुद्दा

लखनऊ के गोमती नगर में स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का निर्माण अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू हुआ था। यह केंद्र लंबे समय से निर्माण कार्य, लागत और इसके भविष्य को लेकर राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव के दौरे और ब्रजेश पाठक के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जहां समाजवादी पार्टी सरकार पर जेपी की विरासत की अनदेखी करने का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी परियोजना की लागत और प्रबंधन को लेकर सवाल उठा रही है।

Scroll to Top