मेरठ हत्याकांड: पति की हत्या के मामले में रविता और प्रेमी अमरदीप ने हाईकोर्ट में दी मौत की सजा को चुनौती
मेरठ: Meerut Ravita Amardeep Murder Case में अपने पति अमित कश्यप की हत्या के जुर्म में मौत की सजा पाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की है। इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई 5 नवंबर को निर्धारित की गई है।
यह मामला मेरठ जिले के अकबरपुर सादात गांव का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रविता का अपने ही गांव के रहने वाले अमरदीप के साथ प्रेम संबंध था। रविता के पति अमित कश्यप को दोनों के रिश्ते पर आपत्ति थी। इसी विरोध के चलते रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या की साजिश रची थी।
अवैध संबंधों के विरोध पर की गई थी पति की हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। अमित कश्यप इस रिश्ते का विरोध करते थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
आरोप है कि रविता और अमरदीप ने अमित कश्यप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और उनकी हत्या कर दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए। इसके बाद अदालत में मुकदमा चलाया गया।
हत्या को हादसा दिखाने के लिए रची गई सांप वाली साजिश
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपियों ने अमित कश्यप की हत्या के बाद उनके शव के ऊपर एक सांप छोड़ दिया था।
आरोपियों की मंशा यह दिखाने की थी कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है, ताकि हत्या का शक किसी पर न जाए। हालांकि, जांच के दौरान मामले की परतें खुलती चली गईं और पुलिस ने इस कथित साजिश का खुलासा किया।
निचली अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा
मामले में सुनवाई और ट्रायल के बाद निचली अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। अदालत ने दोनों को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के बाद अब दोनों दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर मृत्युदंड को चुनौती दी है। दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर हाईकोर्ट में आगे की सुनवाई होगी।
5 नवंबर को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई
मेरठ के इस चर्चित हत्याकांड में रविता और अमरदीप की ओर से दाखिल अपील पर 5 नवंबर को सुनवाई तय की गई है। अब सबकी नजरें इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं।
हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई के दौरान निचली अदालत के फैसले और मृत्युदंड से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। फिलहाल दोनों की मौत की सजा को चुनौती देने वाली अपील अदालत के समक्ष लंबित है।