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CM Yogi Diwali Message 2026: Ram, Bharat and Deepotsav

CM Yogi Diwali Message 2026: सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को लिखी पाती, भरत के त्याग से लेकर रोजगार तक का किया जिक्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम अपनी विशेष पाती लिखकर दीपोत्सव के धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने अपने संदेश में भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन संस्कृति और अयोध्या की धार्मिक पहचान का उल्लेख करते हुए लोगों से दीपावली को खुशियों, सेवा और सकारात्मकता के साथ मनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचकर भव्य दीपोत्सव का हिस्सा बनने का निमंत्रण भी दिया।

सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव केवल दीप जलाने और रोशनी करने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन चेतना, आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। यह पर्व अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की यात्रा का संदेश देता है।

दीपोत्सव सनातन संस्कृति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में अयोध्या के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की पावन नगरी अपने दसवें भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की स्मृति से जुड़ा यह पर्व देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

सीएम योगी के अनुसार, सरयू नदी के तट पर सजी दीपमालाएं और राम की पैड़ी पर जलने वाले लाखों मिट्टी के दीपक अयोध्या को अद्भुत रूप प्रदान करते हैं। ऐसा प्रतीत होता है, मानो आकाशगंगा धरती पर उतर आई हो। ड्रोन के माध्यम से होने वाली आकाशीय प्रस्तुतियां और कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ाती हैं।

उन्होंने कहा कि दीपोत्सव भारत की परंपराओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर है। यह पर्व त्याग, मर्यादा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

भगवान भरत के त्याग से मिलती है बड़ी सीख

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में भगवान श्रीराम के भाई भरत के त्याग और समर्पण का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भरत ने भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के दौरान राजसुख का त्याग किया और उनकी चरण पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर अयोध्या का शासन संभाला।

सीएम योगी ने इस प्रसंग के माध्यम से संदेश दिया कि सत्ता का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना है। भरत का जीवन हमें त्याग, कर्तव्य और मर्यादा का पालन करने की सीख देता है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, रामायण के ऐसे प्रसंग आज भी समाज और शासन व्यवस्था के लिए प्रासंगिक हैं। भगवान श्रीराम और भरत के आदर्शों को अपनाकर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकता है।

दीपोत्सव से स्थानीय कारोबार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के आर्थिक महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आस्था और जनभागीदारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने उत्सवों के आयोजन को विकास से जोड़ते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजनों से कुम्हारों, मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों, फूल विक्रेताओं, होटल कारोबारियों और स्थानीय व्यापारियों को रोजगार तथा आमदनी के नए अवसर मिलते हैं।

उन्होंने प्रकाश, सुरक्षा, निवेश और विकास के बीच संबंध बताते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल निवेश के अवसर पैदा करता है। निवेश से विकास को गति मिलती है और विकास के साथ रोजगार तथा समृद्धि के रास्ते खुलते हैं।

सीएम योगी ने लोगों से स्थानीय कारीगरों के बनाए मिट्टी के दीये और दूसरे उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से कारीगरों की मेहनत को प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आजीविका मजबूत होगी।

जरूरतमंद परिवारों की दीपावली भी रोशन करने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे दीपावली की खुशियां समाज के जरूरतमंद और वंचित लोगों के साथ भी साझा करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी के आसपास कोई जरूरतमंद परिवार रहता है, तो अपनी क्षमता के अनुसार उसकी मदद करनी चाहिए।

सीएम योगी ने लोगों से ऐसे परिवारों को मिट्टी के दीये, मिठाइयां और नए कपड़े भेंट करने का आग्रह किया, ताकि उनकी दीपावली भी खुशियों से भर सके।

उन्होंने कहा कि त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब समाज के सभी वर्गों तक खुशियां पहुंचें। दूसरों के जीवन में रोशनी लाना और जरूरतमंदों की मदद करना ही दीपोत्सव की सच्ची भावना है।

युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने युवाओं को भी विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को दीपक की लौ की तरह सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहिए और नकारात्मकता से दूर रहना चाहिए।

उन्होंने स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से अपने घरों और आसपास के वातावरण को साफ रखने की अपील की। भारतीय परंपरा में स्वच्छता को समृद्धि और शुभता से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में त्योहारों के दौरान स्वच्छता बनाए रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

सीएम योगी ने कहा कि सकारात्मक सोच, सामाजिक सहयोग और जिम्मेदारी की भावना से समाज में बेहतर वातावरण बनाया जा सकता है।

परिवार के साथ अयोध्या आने का दिया निमंत्रण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती के माध्यम से प्रदेशवासियों को परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम की पावन नगरी में आयोजित भव्य दीपोत्सव को देखने और इसके आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री का संदेश है कि दीपावली केवल व्यक्तिगत खुशियों का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सेवा, सहयोग और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करने का पर्व भी है। स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देना, जरूरतमंद परिवारों की मदद करना और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना इस त्योहार के महत्व को और बढ़ाता है।

निष्कर्ष: सीएम योगी आदित्यनाथ की दीपावली पाती में भगवान श्रीराम के आदर्शों, भरत के त्याग, सनातन संस्कृति और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संदेश प्रमुखता से सामने आया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे दीपोत्सव को आस्था, सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाएं तथा दूसरों के जीवन में भी खुशियों की रोशनी फैलाएं।

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