नोएडा में एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए पुलिस का ‘ऑपरेशन फास्ट’, जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर, ऐसे मिलेगी तुरंत मदद
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक जाम के कारण एंबुलेंस को होने वाली परेशानी से निपटने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने नई पहल शुरू की है। इसका नाम ‘ऑपरेशन फास्ट’ रखा गया है। इस अभियान का मकसद आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस को जाम में फंसने से बचाना और उन्हें जल्द से जल्द रास्ता उपलब्ध कराना है।
इस व्यवस्था के तहत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में एक विशेष एंबुलेंस ट्रैफिक सहायता सेल बनाया जा रहा है। यह सेल एंबुलेंस की लोकेशन, उसके रूट और अस्पताल तक पहुंचने की जानकारी पर नजर रखेगा। जैसे ही किसी एंबुलेंस को ट्रैफिक जाम की समस्या होगी, पुलिस संबंधित रास्ते पर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए सक्रिय हो जाएगी।
ट्रैफिक कंट्रोल रूम में बनेगा एंबुलेंस सहायता सेल
ऑपरेशन फास्ट के तहत गौतमबुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में विशेष एंबुलेंस ट्रैफिक सहायता सेल स्थापित किया जा रहा है। इसका काम एंबुलेंस की आवाजाही को सुगम बनाना होगा।
इस सेल के जरिए एंबुलेंस की लोकेशन और उसके निर्धारित रूट की जानकारी जुटाई जाएगी। इससे पुलिस को पहले ही पता चल सकेगा कि एंबुलेंस किस रास्ते से गुजरने वाली है और किन चौराहों पर ट्रैफिक की समस्या आ सकती है।
सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस संबंधित मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करने की तैयारी करेगी, ताकि एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में अनावश्यक देरी न हो।
एंबुलेंस पहुंचने से पहले खाली कराया जाएगा रास्ता
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि पुलिस एंबुलेंस के जाम में पहुंचने का इंतजार नहीं करेगी। बल्कि उसकी लोकेशन और रूट की जानकारी मिलते ही आगे के रास्ते को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
प्रमुख चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को पहले से अलर्ट किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक को रोका या दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जा सकता है, जिससे एंबुलेंस को प्राथमिकता के आधार पर रास्ता मिल सके।
इस व्यवस्था से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के व्यस्त मार्गों पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अस्पताल और एंबुलेंस संचालकों को भी जोड़ा जाएगा
ऑपरेशन फास्ट को प्रभावी बनाने के लिए केवल ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, बल्कि अस्पतालों और एंबुलेंस से जुड़े कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
एंबुलेंस चालक, अस्पताल का कंट्रोल रूम और डिस्पैचर जरूरत पड़ने पर सीधे ट्रैफिक पुलिस से संपर्क कर सकेंगे। इससे एंबुलेंस के रास्ते में आने वाली परेशानी की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंच सकेगी।
पुलिस का प्रयास है कि सूचना मिलने के बाद तुरंत संबंधित टीम को सक्रिय किया जाए और मरीज को अस्पताल पहुंचाने में कम से कम समय लगे।
एंबुलेंस चालकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ऑपरेशन फास्ट के तहत ट्रैफिक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
हेल्पलाइन नंबर: 9218891716
इस नंबर पर एंबुलेंस चालक, अस्पताल का कंट्रोल रूम या डिस्पैचर ट्रैफिक सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं। अगर एंबुलेंस किसी जाम में फंसती है या आगे रास्ता मिलने में परेशानी होती है तो इस नंबर के जरिए पुलिस को सूचना दी जा सकती है।
मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने पर रहेगा जोर
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते यातायात और वाहनों की संख्या के कारण कई बार आपातकालीन सेवाओं को भी जाम का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कुछ मिनटों की देरी भी मरीज के लिए गंभीर साबित हो सकती है।
ऑपरेशन फास्ट के जरिए पुलिस का उद्देश्य एंबुलेंस को प्राथमिकता देकर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इस पहल से दुर्घटना, गंभीर बीमारी और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस की यह पहल आपातकालीन सेवाओं के लिए राहत देने वाली साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि इस व्यवस्था को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।