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Reliance Industries Q2 Results FY27: मुनाफे और रेवेन्यू में शानदार उछाल

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का धमाका, Q2 में मुनाफा 34% बढ़कर ₹29,550 करोड़, ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

मुंबई: मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में शानदार वित्तीय नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 34 फीसदी बढ़कर ₹29,550 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹22,092 करोड़ था।

कंपनी की कमाई में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। रिलायंस का कंसोलिडेटेड ग्रॉस रेवेन्यू 27.8 फीसदी बढ़कर ₹3,62,268 करोड़ हो गया। कंपनी के मुताबिक, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार और डिजिटल सर्विसेज के बेहतर प्रदर्शन ने नतीजों को मजबूती दी है।

तिमाही नतीजों के साथ ही रिलायंस ने बाजार से ₹15,000 करोड़ तक जुटाने की योजना का भी ऐलान किया है। इसके लिए कंपनी का बोर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने की मंजूरी दे चुका है।

रिलायंस के मुनाफे और रेवेन्यू में कितनी बढ़ोतरी?

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में कई अहम वित्तीय मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर 23.9 फीसदी बढ़कर ₹62,409 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹50,367 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT), सहयोगी कंपनियों और ज्वाइंट वेंचर के मुनाफे को मिलाकर ₹29,550 करोड़ रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹22,092 करोड़ के मुकाबले 33.8 फीसदी अधिक है।

कंपनी का कुल ग्रॉस रेवेन्यू ₹3.62 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,83,548 करोड़ से 27.8 फीसदी ज्यादा है।

₹15,000 करोड़ जुटाने के लिए NCD जारी करेगी रिलायंस

तिमाही नतीजों के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज ने फंड जुटाने की योजना भी पेश की है। कंपनी के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

ये डिबेंचर एक या एक से अधिक चरणों में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जा सकते हैं। कंपनी सुरक्षित या असुरक्षित और रिडीमेबल NCD जारी कर सकती है।

NCD के जरिए जुटाई गई रकम कंपनी को अपनी वित्तीय जरूरतों, कारोबार के विस्तार और पूंजी प्रबंधन में मदद कर सकती है। हालांकि, कंपनी ने इस पूरी राशि के इस्तेमाल का विस्तृत ब्योरा अलग से स्पष्ट नहीं किया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का भी शानदार प्रदर्शन

रिलायंस की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने भी दूसरी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 14 फीसदी बढ़कर ₹8,389 करोड़ पहुंच गया।

पिछले साल की समान तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा ₹7,375 करोड़ था। वहीं, कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 11 फीसदी से अधिक बढ़कर ₹40,475 करोड़ हो गया।

जियो के कनेक्टिविटी कारोबार यानी मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं से होने वाली कमाई में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, डिजिटल सर्विसेज से रेवेन्यू में करीब 16 फीसदी की वृद्धि हुई।

जियो के कारोबार में ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) में सुधार अहम भूमिका निभा रहे हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग को बताया ऐतिहासिक

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग को कंपनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद यह कंपनी के लिए पहली तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी का कहना है कि डिजिटल सेवाओं, कनेक्टिविटी और नई तकनीकों में निवेश से कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जियो आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 6G तकनीक और सैटेलाइट कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में भी अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।

O2C कारोबार ने भी दिया बड़ा सहारा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस सेगमेंट का EBITDA सालाना आधार पर 67.9 फीसदी बढ़कर ₹25,203 करोड़ पहुंच गया।

रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में बेहतर प्रदर्शन से कंपनी की कमाई को मजबूती मिली। इसके अलावा डिजिटल सर्विसेज कारोबार का EBITDA भी 17.7 फीसदी बढ़कर ₹22,223 करोड़ हो गया।

कंपनी के अलग-अलग कारोबारों में आई मजबूती ने कुल वित्तीय नतीजों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q2 FY27 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने तेल और केमिकल कारोबार के साथ-साथ टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं में भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की आगे की कारोबारी रणनीति और ₹15,000 करोड़ के NCD इश्यू पर रहेगी।

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