दिल्ली में कांग्रेस की रैली पर व्यापारियों की आपत्ति, राहुल गांधी से 1 नवंबर का कार्यक्रम टालने की अपील
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। रैली से पहले दवा कारोबारियों समेत करीब एक दर्जन अलग-अलग मार्केट एसोसिएशन ने इस कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। व्यापारिक संगठनों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से रैली के फैसले पर दोबारा विचार करने और इसे स्थगित करने की अपील की है।
30 अक्टूबर को लिखे गए पत्र में एसोसिएशन के महासचिव आशीष ग्रोवर ने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि दिल्ली में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शन और राजनीतिक रैलियों के कारण कारोबारियों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखा जाए।
व्यापारियों ने रैली टालने की मांग क्यों की?
एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि दिल्ली में लगातार धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और रैलियों के आयोजन से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसका असर केवल बड़े कारोबारियों पर ही नहीं, बल्कि दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ता है।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि जब राजधानी में बड़े स्तर पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तो कई इलाकों में यातायात प्रभावित होता है। सड़कों पर जाम और आवाजाही में परेशानी के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंच पाते। इससे दुकानों की बिक्री और रोजमर्रा के कारोबार पर असर पड़ता है।
त्योहार और शादी के सीजन को लेकर जताई चिंता
व्यापारियों ने आने वाले त्योहारों और शादियों के सीजन का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि इस समय बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और कारोबारियों के लिए यह अवधि काफी महत्वपूर्ण होती है।
ऐसे समय में यदि रैली के कारण यातायात पर अतिरिक्त पाबंदियां लगती हैं या बाजारों तक पहुंचने में परेशानी होती है, तो व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। एसोसिएशन ने कहा कि छोटे दुकानदारों और रोजाना कमाई पर निर्भर कारोबारियों के लिए ऐसी परिस्थितियां अधिक मुश्किल पैदा करती हैं।
राहुल गांधी से फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील
30 अक्टूबर को भेजे गए पत्र में महासचिव आशीष ग्रोवर ने राहुल गांधी से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान आम लोगों और कारोबारियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने अपनी चिंता रखते हुए रैली को टालने की मांग की है, ताकि त्योहारों और शादी के सीजन में बाजारों की गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकें।
दिल्ली में रैली को लेकर बढ़ी हलचल
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर जहां पार्टी की ओर से तैयारियां की जा रही हैं, वहीं व्यापारिक संगठनों की आपत्ति ने इस कार्यक्रम को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व व्यापारियों की मांग पर क्या फैसला लेता है और क्या 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।