📅 Loading Date & Time...
होम > ताजा > न्यूज़

Maharashtra CM Devendra Fadnavis News 25 October 2026: वित्त मंत्रालय को लेकर NCP की मांग, महाराष्ट्र में सियासी हलचल

By aonenewstv | Published: Oct 25, 2026 11:54 AM

Maharashtra CM Devendra Fadnavis News: महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय को लेकर सियासी हलचल, सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में NCP नेताओं ने CM फडणवीस से की मुलाकात

महाराष्ट्र की महायुति सरकार में वित्त विभाग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने बढ़ाई सक्रियता। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की मुलाकात। शीतकालीन सत्र से पहले वित्त विभाग मिलने का दावा, मंत्रिमंडल फेरबदल और NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलों को भुजबल ने किया खारिज।

मुंबई, 25 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र की राजनीति में वित्त मंत्रालय के आवंटन को लेकर रविवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर वित्त विभाग पार्टी को सौंपने की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने किया।

मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर हुई बैठक में एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और राज्य सरकार के मंत्री छगन भुजबल भी शामिल हुए।

बैठक के बाद छगन भुजबल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने दावा किया कि शीतकालीन सत्र से पहले वित्त विभाग एनसीपी को सौंपने का आश्वासन मिला है।

हालांकि, वित्त विभाग के आवंटन को लेकर अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।

वित्त मंत्रालय को लेकर NCP ने तेज की मांग

महाराष्ट्र की महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कहना है कि गठबंधन सरकार में वित्त विभाग पहले उसके हिस्से में था और अब यह जिम्मेदारी फिर से पार्टी को दी जानी चाहिए।

एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने इसी मांग को प्रमुखता से रखा।

मंत्री छगन भुजबल ने स्पष्ट किया कि पार्टी वित्त विभाग ही चाहती है और किसी वैकल्पिक विभाग की मांग नहीं कर रही है।

उनके मुताबिक इस विषय पर मुख्यमंत्री के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है।

सुनेत्रा पवार के आवास पर पहले हुई बैठक

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने से पहले रविवार को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास पर एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन और सरकार से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

इसके बाद एनसीपी का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पहुंचा।

बताया गया कि मुख्यमंत्री के साथ लगभग 45 मिनट तक चर्चा हुई।

इस दौरान वित्त मंत्रालय का आवंटन बैठक का प्रमुख मुद्दा रहा।

अजित पवार के निधन के बाद मुख्यमंत्री के पास है वित्त विभाग

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास महायुति सरकार में वित्त विभाग की जिम्मेदारी थी।

जनवरी 2026 में एक विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया था।

उनके निधन के बाद राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया और सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।

अजित पवार के पास रहे कुछ विभाग सुनेत्रा पवार को दिए गए, लेकिन वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास बना रहा।

एनसीपी अब इसी विभाग को दोबारा अपने हिस्से में लेने की मांग कर रही है।

छगन भुजबल ने बताया मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक

बैठक के बाद छगन भुजबल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्रालय को लेकर एनसीपी की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

भुजबल के अनुसार मुख्यमंत्री ने विभाग आवंटन के विषय में आश्वासन दिया है।

हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि वित्त मंत्रालय कब तक सौंपा जाएगा, तो उन्होंने कहा कि इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई जा सकती।

भुजबल ने यह भी स्पष्ट किया कि एनसीपी किसी अन्य विभाग को वित्त मंत्रालय के विकल्प के रूप में स्वीकार करने की मांग नहीं कर रही है।

इस बयान से स्पष्ट है कि पार्टी फिलहाल वित्त विभाग के आवंटन को ही प्राथमिकता दे रही है।

शीतकालीन सत्र से पहले फैसला होने की चर्चा

एनसीपी नेताओं के अनुसार वित्त मंत्रालय का मुद्दा आगामी शीतकालीन सत्र से पहले सुलझ सकता है।

छगन भुजबल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की ओर से इस संबंध में आश्वासन मिला है।

हालांकि, सरकार की ओर से विभाग आवंटन की औपचारिक घोषणा होने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।

वित्त मंत्रालय के आवंटन का फैसला मुख्यमंत्री और गठबंधन के नेतृत्व स्तर पर लिया जाएगा।

यदि भविष्य में विभाग का आवंटन बदलता है, तो उसके बाद संबंधित मंत्री की जिम्मेदारियों और प्रशासनिक अधिकारों में भी परिवर्तन होगा।

महाराष्ट्र सरकार में वित्त विभाग क्यों महत्वपूर्ण?

राज्य सरकार के वित्त विभाग की भूमिका बजट तैयार करने, सरकारी खर्च की निगरानी और विभिन्न विभागों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण होती है।

राज्य की विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक खर्च से जुड़े अनेक निर्णय वित्तीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करते हैं।

वित्त विभाग राजस्व और व्यय के बीच संतुलन बनाने तथा सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं को निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसी वजह से गठबंधन सरकारों में वित्त विभाग का आवंटन राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है।

महाराष्ट्र में एनसीपी की मौजूदा मांग इसी विभाग के नियंत्रण और जिम्मेदारी से जुड़ी है।

मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों पर भुजबल का जवाब

मुख्यमंत्री और एनसीपी नेताओं की बैठक के बाद राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं तेज हुईं।

कुछ राजनीतिक चर्चाओं में एनसीपी के मंत्रियों के विभाग बदले जाने या नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना जताई गई।

हालांकि, छगन भुजबल ने इन अटकलों को खारिज किया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्त विभाग की मांग करना था।

भुजबल के मुताबिक मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल या एनसीपी के चार-पांच मंत्रियों को बदले जाने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।

इसलिए फिलहाल मंत्रिमंडल में बदलाव की खबरों को आधिकारिक निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

दोनों NCP गुटों के विलय पर भी आया बयान

महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर भी समय-समय पर चर्चा होती रही है।

रविवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों ने छगन भुजबल से इस विषय पर सवाल किया।

भुजबल ने कहा कि दोनों गुटों के विलय का मुद्दा अब बंद हो चुका अध्याय है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।

इस बयान के बाद पार्टी की ओर से फिलहाल वित्त मंत्रालय की मांग को ही प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रखा गया है।

महायुति सरकार में विभागों का बंटवारा

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री हैं।

गठबंधन सरकार में अलग-अलग दलों को विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई है।

ऐसी व्यवस्था में विभागों के आवंटन को लेकर सहयोगी दलों के बीच बातचीत होना राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

एनसीपी की मौजूदा मांग भी गठबंधन सरकार के भीतर मंत्रालयों के बंटवारे से संबंधित है।

मुख्यमंत्री के फैसले पर रहेगी नजर

रविवार की बैठक के बाद वित्त विभाग को लेकर अगला कदम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महायुति नेतृत्व के निर्णय पर निर्भर करेगा।

एनसीपी नेताओं ने अपनी मांग औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री के सामने रख दी है।

छगन भुजबल के अनुसार बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन विभाग के आवंटन की तारीख तय नहीं हुई है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार शीतकालीन सत्र से पहले वित्त मंत्रालय के आवंटन पर कोई निर्णय घोषित करती है या नहीं।

महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण बना वित्त विभाग का मुद्दा

महाराष्ट्र में 25 अक्टूबर को हुई इस बैठक ने महायुति सरकार के भीतर वित्त विभाग के आवंटन को फिर चर्चा में ला दिया है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एनसीपी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वित्त मंत्रालय पार्टी को सौंपने की मांग की।

छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख का दावा किया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं हुई है।

उन्होंने मंत्रिमंडल फेरबदल और दोनों एनसीपी गुटों के विलय की अटकलों को भी खारिज किया।

फिलहाल महाराष्ट्र का वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। एनसीपी की मांग पर अंतिम निर्णय और औपचारिक विभाग आवंटन की घोषणा का इंतजार है।

Scroll to Top