करनाल में बस पर पथराव के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, CM उमर अब्दुल्ला ने हरियाणा सरकार से की कार्रवाई की मांग
श्रीनगर/करनाल, 19 अक्टूबर 2026। जम्मू-कश्मीर जा रही दिल्ली-श्रीनगर यात्री बस पर हरियाणा के करनाल जिले में पथराव की घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए हरियाणा सरकार से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
यह घटना 17 अक्टूबर की रात करनाल जिले में नीलोखेड़ी के पास एक ढाबे पर हुई, जहां दिल्ली से श्रीनगर जा रही निजी स्लीपर बस भोजन के लिए रुकी थी। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। विवाद के बाद बस पर पत्थर और ईंटें फेंके जाने से उसकी कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना में एक बुजुर्ग यात्री और ढाबे का एक कर्मचारी घायल होने की खबर है।
CM उमर अब्दुल्ला ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस दोषियों को पकड़कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले को हरियाणा सरकार के समक्ष उठाया और जम्मू-कश्मीर जा रहे यात्रियों की सुरक्षा तथा उनके कल्याण को लेकर चिंता जताई।
उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया के बाद जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं ने भी घटना की निंदा की। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार सहित कई नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
करनाल पुलिस के मुताबिक, बस और कार में सवार लोगों के बीच पार्किंग तथा रास्ता देने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने बताया कि बहस बढ़ने के बाद कथित तौर पर पत्थरों और ईंटों से बस पर हमला किया गया, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए।
मामले में कार सवार दो आरोपियों, मोहित और सावन, को गिरफ्तार किया गया है। दोनों करनाल जिले के यूनिसपुर गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआत में बस के यात्रियों या चालक की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। बाद में ढाबा प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने क्या बताया घटना का कारण?
घटना के बाद सोशल मीडिया पर बस के टूटे शीशों की तस्वीरें और वीडियो सामने आए। कुछ राजनीतिक नेताओं ने इसे कश्मीरी यात्रियों के खिलाफ नफरत से प्रेरित हमला बताया और उनकी सुरक्षा पर चिंता जताई।
हालांकि, करनाल पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर विवाद को पार्किंग और रास्ता देने से जुड़ा बताया है। पुलिस ने क्षेत्रीय या सांप्रदायिक नफरत को घटना का कारण मानने की पुष्टि नहीं की है।
ऐसे में मामले की जांच पूरी होने से पहले घटना के पीछे किसी खास मंशा को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विवाद कैसे शुरू हुआ और हमले में किन लोगों की भूमिका रही।
कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने दूसरे राज्यों से होकर गुजरने वाले जम्मू-कश्मीर के यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने कहा है कि किसी भी यात्री के साथ हिंसा या धमकी की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। वहीं, हरियाणा पुलिस की जिम्मेदारी है कि जांच के आधार पर घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आगे क्या होगा?
फिलहाल मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस जांच कर रही है। जांच में हमले की परिस्थितियों, विवाद की शुरुआत, यात्रियों को हुई चोटों और बस को हुए नुकसान से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा हरियाणा सरकार के सामने उठाया है। अब मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
निष्कर्ष: हरियाणा के करनाल में श्रीनगर जा रही बस पर पथराव के मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। जहां राजनीतिक नेताओं ने यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता जताई है, वहीं पुलिस ने शुरुआती जांच में विवाद की वजह पार्किंग को बताया है। मामले की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।