कोलकाता भगदड़ के बाद यूपी में अलर्ट, CM योगी ने दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश
लखनऊ। कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत की खबर के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है कि दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और बिजली से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि पूजा पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से आवश्यक इंतजाम किए जाएं और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
भीड़ नियंत्रण और पुलिस सुरक्षा पर जोर
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ का दबाव बढ़ने पर भगदड़ जैसी घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है। इसे देखते हुए अधिकारियों को पंडालों में भीड़ के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और प्रशासन को आयोजन स्थलों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे। प्रवेश और निकास के रास्तों को व्यवस्थित रखने, भीड़ की आवाजाही पर निगरानी रखने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
शॉर्ट सर्किट रोकने के लिए बिजली व्यवस्था की जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्गा पूजा पंडालों में विद्युत सुरक्षा की जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं। पंडालों में सजावट, रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए बिजली का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में खराब वायरिंग, ओवरलोडिंग या शॉर्ट सर्किट से आग लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा रहता है।
निर्देशों के तहत अधिकारियों को बिजली से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच कराने और संभावित खतरों को समय रहते दूर करने पर जोर दिया गया है। आयोजन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ी
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन कराने को कहा है। जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को मिलकर पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखनी होगी।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। आयोजकों को भी सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की आवश्यकता होगी।
वाराणसी में सुरक्षा इंतजाम और मिशन शक्ति अभियान
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बीच वाराणसी में भी दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस की सक्रियता और महिला सुरक्षा संबंधी उपायों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धार्मिक आयोजनों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को सतर्क रहने की जरूरत है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी, जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता और सुरक्षा संबंधी जागरूकता ऐसे आयोजनों में अहम भूमिका निभाते हैं।
धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कोलकाता की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भीड़ प्रबंधन, विद्युत सुरक्षा और पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
अब संबंधित अधिकारियों के सामने निर्देशों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी है, ताकि प्रदेश में दुर्गा पूजा के आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकें।