लखनऊ में CM योगी का सपा पर हमला, बोले- ‘सैफई सिंडिकेट’ ने यूपी को पीछे धकेला, अब प्रदेश में उपद्रव नहीं उत्सव
उपशीर्षक: शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना, 23 अक्टूबर को पहले मतदान करने की अपील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा के शासनकाल, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब उपद्रव की जगह उत्सव का माहौल है और बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में ‘सैफई सिंडिकेट’ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में सत्ता और व्यवस्था पर कुछ खास लोगों का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास, सुरक्षा और शिक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं।
‘सैफई सिंडिकेट’ को लेकर सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर हमला बोलते हुए ‘सैफई सिंडिकेट’ की टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में कुछ खास लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी और प्रदेश के आम लोगों के हितों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें हर नागरिक को समान अवसर मिले और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचे। उन्होंने सपा की नीतियों की आलोचना करते हुए अपनी सरकार के कामकाज को सामने रखा।
‘प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव है’
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि आज प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव है। उन्होंने महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि अगर कोई बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को सरकार की अहम प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण प्रदेश के विकास और आम लोगों के भरोसे के लिए जरूरी है।
शिक्षा के मुद्दे पर भी घेरा
शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो छोर की तरह हैं। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने सपा की शिक्षा संबंधी नीतियों और उसके शासनकाल पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए शिक्षा को प्रदेश के विकास का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
23 अक्टूबर को पहले मतदान करने की अपील
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और युवाओं से 23 अक्टूबर को पहले मतदान करने की अपील की। उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी सक्रियता के साथ काम करने को कहा।
मुख्यमंत्री की अपील मतदान में भागीदारी बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक रूप से सक्रिय रहने का संदेश देने के संदर्भ में आई। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि 23 अक्टूबर को किस विशेष चुनाव या मतदान प्रक्रिया का उल्लेख किया गया था।
यूपी की राजनीति में तेज हुई बयानबाजी
लखनऊ में हुए इस सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार की आलोचना करते हुए वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के बयान भाजपा और सपा के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं। उनके संबोधन में एक ओर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का पक्ष सामने आया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की नीतियों पर सवाल उठाए गए।
निष्कर्ष: लखनऊ के शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए शिक्षा, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों और युवाओं से 23 अक्टूबर को पहले मतदान करने की अपील की।