Delhi CM Rekha Gupta News: दिल्ली में एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, मतदाता सूची के 47.6 लाख नामों का होगा सत्यापन
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार इन दिनों महिला सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में है। राजधानी में एक लाख स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की परियोजना शुरू की गई है। इसके अलावा, मतदाता सूची के मसौदे से हटाए गए करीब 47.6 लाख नामों के पुनः सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। [स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स]<
एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट से महिला सुरक्षा मजबूत करने की योजना
दिल्ली सरकार ने राजधानी में लगभग एक लाख स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की परियोजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य सड़कों और अंधेरे इलाकों में रोशनी बेहतर करना तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं से बातचीत के दौरान सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन और खराब स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी। इसके बाद सरकार ने स्मार्ट लाइटिंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर काम आगे बढ़ाया।
परियोजना के तहत करीब 45 हजार पुरानी सोडियम वेपर लाइटों को ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइटों से बदलने की योजना है। इन लाइटों की निगरानी केंद्रीय कमांड सेंटर से की जाएगी। प्रत्येक लाइट पर क्यूआर कोड लगाने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जिससे नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
सरकार के अनुसार, खराब लाइटों को 48 घंटे के भीतर ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित समय में मरम्मत नहीं होने पर संबंधित एजेंसियों पर प्रति लाइट प्रतिदिन 2,000 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी परियोजना में शामिल है।
मतदाता सूची से हटाए गए 47.6 लाख नामों का होगा दोबारा सत्यापन
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी महत्वपूर्ण गतिविधियां चल रही हैं। चुनाव अधिकारियों ने मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए करीब 47.6 लाख नामों के पुनः सत्यापन के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, इस अभियान के तहत लगभग 15 हजार बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाताओं के नाम गलती से सूची से बाहर न रह जाएं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाता सूची से हटाए गए नामों में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टियों की श्रेणी में आने वाले मामले शामिल हैं। संबंधित अधिकारियों को पात्र लोगों की जानकारी जांचने और आवश्यक सुधार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विशेष अभियान 30 अक्टूबर तक चलने की योजना है। जिन पात्र लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता के साथ पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करना है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक बसों और निगरानी व्यवस्था पर जोर
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सार्वजनिक परिवहन और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की पहल भी की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 13 अक्टूबर को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों की समीक्षा की थी।
इस दौरान 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल किया गया और पांच सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू किए गए। सरकार के अनुसार, इससे सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए केंद्रों का नेटवर्क भी बढ़ाया गया है। इन केंद्रों के जरिए पीएम2.5 और पीएम10 जैसे प्रदूषकों के स्तर पर नजर रखी जाती है। सरकार की योजना प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान करके संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ कार्रवाई करने की है।
दिल्ली सरकार के सामने महिला सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं की चुनौती
राजधानी में महिला सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन, प्रदूषण और मतदाता सूची जैसे मुद्दे प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। स्मार्ट स्ट्रीट लाइट परियोजना से अंधेरे इलाकों में रोशनी बेहतर करने की उम्मीद है, जबकि इलेक्ट्रिक बसों और वायु गुणवत्ता निगरानी से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
वहीं, मतदाता सूची के पुनः सत्यापन अभियान में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि पात्र नागरिकों के नाम सही तरीके से शामिल हों और गलत प्रविष्टियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधारा जाए।
निष्कर्ष
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार की प्रमुख पहलों में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, महिला सुरक्षा, इलेक्ट्रिक परिवहन और मतदाता सूची का पुनः सत्यापन शामिल हैं। इन योजनाओं का वास्तविक असर उनके प्रभावी क्रियान्वयन, समय पर शिकायत निस्तारण और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर निर्भर करेगा। आने वाले दिनों में इन पहलों की प्रगति और उनके परिणाम राजधानी के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।