📅 Loading Date & Time...
होम > राज्य > न्यूज़

Sanjay Yaduvanshi Sultanpur: यूट्यूबर पर 3 मुकदमे दर्ज, पुलिस का बड़ा एक्शन

By aonenewstv | Published: Oct 10, 2026 07:28 AM

सुल्तानपुर में यूट्यूबर संजय यदुवंशी पर तीन मुकदमे दर्ज, प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने का आरोप

सबहेडिंग: तिकोनिया पार्क में पुलिस कार्रवाई के विरोध में हुआ था प्रदर्शन। नगर पालिका ने करीब 2.50 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर संजय यदुवंशी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को पुलिस कार्रवाई के विरोध में तिकोनिया पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। शिकायतों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने, महापुरुषों की प्रतिमाओं के अपमान और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों में संजय यदुवंशी समेत कई नामजद और अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने का आरोप

नगर कोतवाली क्षेत्र के करौदिया निवासी सुभाष सोनकर ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि 9 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे तिकोनिया पार्क में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़ी गई। शिकायत के मुताबिक, तस्वीर को सड़क पर फेंककर पैरों से कुचला गया, जिससे अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।

इस मामले में संजय यदुवंशी के साथ अंबुज यादव, शाहजहां पठान और अनिल समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला

दूसरा मुकदमा नगर पालिका परिषद के लिपिक और तिकोनिया पार्क के प्रभारी सुशील कुमार श्रीवास्तव की शिकायत पर दर्ज किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान तिकोनिया पार्क की बाउंड्रीवाल, गेट और लोहे-स्टील की जालियों को क्षतिग्रस्त किया गया। स्वामी विवेकानंद पार्क की बाउंड्री और गेट को नुकसान पहुंचाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

नगर पालिका के आकलन के अनुसार, कथित तोड़फोड़ से लगभग 2.50 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ। इस मामले में संजय यदुवंशी समेत करीब 250 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में भी साक्ष्य जुटा रही है।

विवेकानंद और राजीव गांधी की प्रतिमाओं के अपमान की शिकायत

तीसरा मुकदमा भारत विकास परिषद की सुल्तानपुर शाखा के अध्यक्ष एडवोकेट अभय शर्मा की तहरीर पर दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग स्वामी विवेकानंद और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमाओं पर चढ़ गए और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया।

शिकायतकर्ता ने पार्क परिसर में लगे ‘ओम’ और ‘स्वास्तिक’ जैसे धार्मिक चिह्नों, गेट और रेलिंग को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जाम लगने से आम लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी होने की बात कही गई है।

इस मामले में भी संजय यदुवंशी समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की दबिश के बाद शुरू हुआ था विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि सितंबर में कोतवाली नगर क्षेत्र में शबीब रजा पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले से जुड़ी है। इस प्रकरण में संजय यदुवंशी और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में संजय की तलाश में धम्मौर पुलिस उनके घर पहुंची थी।

संजय के परिजनों ने पुलिस पर दीवार फांदकर घर में प्रवेश करने और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।

प्रदर्शनकारियों ने रखीं चार मांगें

शुक्रवार को संजय यदुवंशी के समर्थन में तिकोनिया पार्क में बड़ी संख्या में लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने धम्मौर थाना प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पहले से दर्ज मुकदमे की दोबारा जांच कराने, शिकायतकर्ता शबीब रजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और संजय के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के नाम चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। यह प्रदर्शन कई घंटे तक चला, जिसमें दूसरे जिलों से आए यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी शामिल हुए।

13 अक्टूबर को अदालत में अगली सुनवाई

संजय यदुवंशी और उनके भाई से जुड़े पुराने मामले में जिला न्यायालय ने अग्रिम जमानत की अर्जी पर अंतिम निर्णय होने तक सशर्त गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी।

 

Scroll to Top