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Anand Dubey Joins Eknath Shinde Shiv Sena After Quitting Uddhav Thackeray’s Party

By aonenewstv | Published: Oct 16, 2026 12:58 PM

उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT को झटका, राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने दिया इस्तीफा

उपशीर्षक: एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की चर्चा के बीच आनंद दुबे का बयान, बोले- ‘जिस ट्रेन में कॉकरोच हो, उसमें सफर नहीं करूंगा’

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने भारी मन से लिया है और पिछले कई महीनों से वह अंदर ही अंदर परेशान थे। उनके इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है।

आनंद दुबे ने अपने बयान में पार्टी के भीतर अपनी परेशानी का जिक्र किया। उन्होंने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनके इस्तीफे को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

‘भारी मन से लिया इस्तीफे का फैसला’

आनंद दुबे ने कहा कि उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। उनके मुताबिक, वह पिछले कई महीनों से परेशान थे और अब उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।

हालांकि, पार्टी के अंदर किन परिस्थितियों के कारण उनकी नाराजगी बढ़ी, इस बारे में उनके बयान में सामने आए सभी आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके इस्तीफे के बाद शिवसेना UBT की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।

चुनाव आयोग और SIR को लेकर उठाए सवाल

आनंद दुबे ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके बयान से संकेत मिला कि इन मुद्दों पर पार्टी के रुख या कामकाज को लेकर वह संतुष्ट नहीं थे।

SIR मतदाता सूची की जांच और संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया है। इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग राय सामने आती रही है। आनंद दुबे ने इस विषय को अपनी नाराजगी के संदर्भ में उठाया, लेकिन उनके इस्तीफे के सभी कारणों को केवल इसी मुद्दे से जोड़ना उचित नहीं होगा।

‘जिस ट्रेन में कॉकरोच हो, उसमें सफर नहीं करूंगा’

इस्तीफे के बाद आनंद दुबे का एक बयान भी चर्चा में आया। उन्होंने कहा, “जिस ट्रेन में कॉकरोच हो, मैं उस ट्रेन में सफर नहीं करूंगा।”

उनकी इस टिप्पणी को राजनीतिक हलकों में उनकी पार्टी छोड़ने के फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। बयान के जरिए उन्होंने अपनी नाराजगी को तीखे अंदाज में व्यक्त किया। हालांकि, इस टिप्पणी का राजनीतिक अर्थ उनके अपने संदर्भ और पूरे बयान के आधार पर समझा जाना चाहिए।

महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या होगा असर?

आनंद दुबे का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच गतिविधियां तेज हैं। शिवसेना UBT से उनके अलग होने से पार्टी के संगठन और राजनीतिक संवाद पर चर्चा शुरू हो गई है।

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT के बीच महाराष्ट्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा जारी है। ऐसे में किसी प्रमुख प्रवक्ता का इस्तीफा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

हालांकि, आनंद दुबे के इस्तीफे से पार्टी के जनाधार या चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, यह आगे की राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

आगे की राजनीतिक भूमिका पर नजर

आनंद दुबे ने शिवसेना UBT की प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद छोड़ने का फैसला किया है। उनके बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

उनकी आगे की राजनीतिक भूमिका और किसी दूसरे दल में शामिल होने को लेकर स्थिति स्पष्ट होने पर ही इस घटनाक्रम की अगली दिशा सामने आएगी। फिलहाल, उनके इस्तीफे और पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी से जुड़ा बयान महाराष्ट्र की राजनीति की प्रमुख खबरों में शामिल है।

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