📅 Loading Date & Time...
होम > राज्य > न्यूज़

Mahabali Truck 308 Wheels: 200-Ton Boiler Reaches Ghazipur, Heads to Lakhimpur

By aonenewstv | Published: Oct 05, 2026 10:44 AM

308 पहियों वाला ‘महाबली’ ट्रक गाजीपुर पहुंचा, 200 टन का बॉयलर लेकर लखीमपुर की ओर बढ़ा काफिला

गाजीपुर। बेल्जियम से समुद्री रास्ते भारत पहुंचा 200 टन से अधिक वजनी और करीब 100 फीट लंबा विशाल औद्योगिक बॉयलर अब उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पहुंच चुका है। इसे 308 पहियों वाले विशेष मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रक पर लादकर लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल के प्लांट तक ले जाया जा रहा है। (AajTak)

यह विशाल काफिला ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से सड़क मार्ग के जरिए झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचा है। गाजीपुर में प्रवेश के बाद भी इसकी यात्रा आसान नहीं है। भारी वजन और विशाल आकार के कारण ट्रक को बेहद धीमी गति से आगे बढ़ाया जा रहा है और कई जगह रास्ते में बदलाव करने पड़ रहे हैं। (Jagran)

रास्ते के अवरोध हटाकर आगे बढ़ रहा काफिला

‘महाबली’ ट्रक के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेषज्ञों और तकनीकी कर्मचारियों की टीम आगे-आगे चल रही है। रास्ते में आने वाले बिजली के तार, पेड़, फुटओवर ब्रिज और सड़क की चौड़ाई जैसी बाधाओं को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार हटाया या बदला जा रहा है।

गाजीपुर में भी काफिले को आगे बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर विशेष तैयारियां की गईं। देवकठिया और बिरनो क्षेत्र में फुटओवर ब्रिज तथा अन्य संरचनाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। (Navbharat Times)

कई जगह बदला गया रास्ता

इस विशाल उपकरण को सामान्य सड़क मार्ग से ले जाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। इससे पहले वाराणसी और चंदौली में भी काफिले के लिए अस्थायी रास्ते तैयार किए गए थे। कहीं सड़क को समतल किया गया तो कहीं ऊंचाई और चौड़ाई की समस्या को देखते हुए रास्ते में बदलाव किया गया।

काफिले के साथ चल रही टीम संबंधित विभागों और अधिकारियों के समन्वय से रास्ते की बाधाओं को दूर करा रही है। (Live Hindustan)

रोजाना सीमित दूरी तय कर रहा ‘महाबली’

विशाल वजन के कारण 308 पहियों वाला यह ट्रक सामान्य मालवाहक वाहनों की तरह तेज गति से नहीं चल सकता। अलग-अलग स्थानों पर इसकी दैनिक रफ्तार 10 से 30 किलोमीटर के बीच रही है। गाजीपुर में एक दिन काफिले ने करीब 50 किलोमीटर की दूरी भी तय की, लेकिन इसके बाद कई बाधाओं के कारण गति फिर धीमी हो गई। (Jagran)

गंतव्य तक पहुंचने में अभी कई सप्ताह लगने का अनुमान है। रास्ते की परिस्थितियों के आधार पर समय में बदलाव भी हो सकता है।

ग्रामीणों में जबरदस्त कौतूहल

308 पहियों वाले इस विशाल ट्रक को देखने के लिए रास्ते भर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जुट रही है। गाजीपुर में भी जब यह काफिला सड़कों से गुजरा तो लोग इसे देखने के लिए रुक गए। कई लोगों ने मोबाइल फोन से ट्रक और उस पर लदे विशाल बॉयलर की तस्वीरें और वीडियो बनाए। (Live Hindustan)

इस ट्रक के आकार के साथ-साथ इसके 308 पहिए लोगों के आकर्षण का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं।

बेल्जियम से शुरू हुआ था सफर

इस विशाल औद्योगिक उपकरण का सफर बेल्जियम से शुरू हुआ था। समुद्री मार्ग से इसे भारत लाया गया और ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचाया गया। इसके बाद विशेष मल्टी-एक्सल ट्रक पर लादकर इसे सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित प्लांट तक ले जाया जा रहा है। (AajTak)

लॉजिस्टिक्स टीम के मुताबिक, इस पूरे अभियान में भारी उपकरण को सुरक्षित पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी वजह से रास्ते की जांच के बाद ही ट्रक को आगे बढ़ाया जा रहा है।

लखीमपुर खीरी में होगी स्थापना

यह विशाल बॉयलर लखीमपुर खीरी के कुंभी में बलरामपुर चीनी मिल से जुड़े औद्योगिक प्लांट के लिए ले जाया जा रहा है। कई महीनों से जारी इस यात्रा में काफिला कई राज्यों और मुश्किल रास्तों को पार कर चुका है।

अब गाजीपुर से आगे बढ़ रहा ‘महाबली’ ट्रक अपने अंतिम गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। रास्ते में आने वाली चुनौतियों के कारण इस सफर पर स्थानीय लोगों और राहगीरों की नजर बनी हुई है। (AajTak)

Scroll to Top