प्रेमानंद महाराज आश्रम में शिष्य की मौत से विवाद, परिजनों ने उठाए सवाल
वृंदावन/मथुरा: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े राधा केलि कुंज आश्रम में साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। घटना के करीब नौ दिन बाद भी मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मृतक के परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और शनिवार को आश्रम के बाहर पहुंचकर अपना आक्रोश जताया।
बताया गया है कि रसिक दुलारी की मौत आश्रम से जुड़े गुरु कृपा कुंज परिसर में हुई थी। शुरुआती पुलिस जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया था, लेकिन शरीर पर गंभीर चोट और प्राइवेट पार्ट के कटे होने की बात सामने आने के बाद मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठे हैं। पुलिस की जांच में ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल
रसिक दुलारी शरण का वास्तविक नाम दीपक लोधी बताया गया है और वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें मिलने और प्राइवेट पार्ट के कटे होने की जानकारी सामने आने के बाद परिजन घटना की पूरी सच्चाई जानना चाहते हैं। परिवार का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आखिर मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिजन आश्रम के बाहर पहुंचे
घटना के बाद से मृतक के परिजन लगातार जवाब मांग रहे हैं। शनिवार को वे आश्रम के बाहर पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अपना विरोध जताया। परिवार का सवाल है कि घटना के करीब नौ दिन बीत जाने के बाद भी FIR को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है।
परिजन यह भी जानना चाहते हैं कि रसिक दुलारी के साथ घटना से पहले और उसके दौरान क्या हुआ था। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
नौ दिन बाद ट्रस्ट की अपील
लगातार बढ़ते विवाद के बीच राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से सोशल मीडिया पर एक अपील जारी की गई है। ट्रस्ट ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इससे प्रेमानंद महाराज और पूरा परिकर आहत है। ट्रस्ट ने मृतक साधक के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
ट्रस्ट ने कहा कि पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से अपील की गई कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर प्रेमानंद महाराज या आश्रम की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला प्रचार न किया जाए।
पुलिस जांच पर टिकी नजर
मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों को देख रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक मृतक का ब्लड सैंपल भी FSL भेजा गया था।
फिलहाल मौत की वास्तविक वजह और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी भी दावे या आरोप की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
परिवार को जांच के नतीजे का इंतजार
एक तरफ ट्रस्ट ने पुलिस जांच में सहयोग की बात कही है, वहीं मृतक के परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और अपने सवालों के जवाब चाहते हैं। परिवार की मांग है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आए और यदि जांच में किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
अब इस मामले में पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई।