रणथंभौर टाइगर रिजर्व: 1 अक्टूबर से शुरू होगा नया पर्यटन सीजन, सफारी के लिए तैयार पार्क
सवाई माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सीजन शुरू होने जा रहा है। मानसून के दौरान करीब तीन महीने तक मुख्य पर्यटन जोन में सफारी गतिविधियां बंद रहने के बाद अब वन विभाग ने पर्यटकों के स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। रणथंभौर में सामान्य तौर पर मानसून अवधि के बाद 1 अक्टूबर से सफारी सीजन दोबारा शुरू होता है।
सफारी मार्गों की मरम्मत पूरी
मानसून के दौरान हुई बारिश के कारण रणथंभौर के कई पर्यटन मार्ग प्रभावित हुए थे। नए पर्यटन सीजन से पहले इन मार्गों की मरम्मत और जरूरी व्यवस्थाओं का काम पूरा कराया गया है। वन विभाग की ओर से पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सफारी अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
मुख्य पर्यटन जोन में सफारी शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटकों के रणथंभौर पहुंचने की उम्मीद है। अक्टूबर से मार्च तक मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहने के कारण इस अवधि में पर्यटन गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
नेचर गाइडों को दिया गया प्रशिक्षण
नए पर्यटन सत्र को देखते हुए रणथंभौर के नेचर गाइडों को भी नए सिरे से प्रशिक्षण दिया गया है। गाइडों को जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा, वन्यजीवों से उचित दूरी बनाए रखने और पर्यटन नियमों के पालन से जुड़ी जानकारी दी गई है।
नेचर गाइड एसोसिएशन रणथंभौर के अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह के मुताबिक, नए पर्यटन सत्र को लेकर गाइडों और वन विभाग में उत्साह है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सफारी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की तैयारी की गई है।
अक्टूबर में पर्यटकों की बढ़ती मांग
रणथंभौर देश-विदेश के पर्यटकों के बीच बाघों और अन्य वन्यजीवों के दीदार के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। नए सीजन की शुरुआत के साथ ही सफारी की मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक अक्टूबर में कई सफारी स्लॉट पहले से ही बुक हो चुके हैं।
पर्यटकों के लिए सफारी के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी होगा। वन क्षेत्र में वाहनों की गति, वन्यजीवों से दूरी और गाइड तथा ड्राइवर के निर्देशों का पालन पर्यटन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों पर कार्रवाई
रणथंभौर में सफारी के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर वन विभाग सख्त रुख अपना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ ड्राइवरों के व्यवहार को लेकर कार्रवाई भी की गई है।
सीसीएफ शारदा प्रताप सिंह ने कहा है कि यदि प्रतिबंध के बावजूद संबंधित ड्राइवरों के व्यवहार में सुधार नहीं होता है, तो उनके खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का उद्देश्य सफारी के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
दो नए जोन शुरू करने की तैयारी
रणथंभौर में पर्यटकों की बढ़ती मांग को देखते हुए वन प्रशासन पर्यटन के लिए दो नए जोन शुरू करने की दिशा में भी काम कर रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटक सफारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सीमित क्षमता के कारण सभी को मनचाही तारीख या जोन में सफारी का अवसर नहीं मिल पाता।
इसी को ध्यान में रखते हुए नए जोन शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे भविष्य में पर्यटकों के लिए सफारी के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है।
सफारी शुल्क में भी हुआ बदलाव
रणथंभौर में सफारी और प्रवेश शुल्क में 1 अप्रैल 2026 से करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू हुई है। राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व में पर्यटक प्रवेश शुल्क, वाहन प्रवेश शुल्क और अन्य संबंधित शुल्कों में संशोधन किया गया है। संशोधित दरें 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहने के लिए निर्धारित की गई हैं।
इस संशोधन के बाद रणथंभौर आने वाले पर्यटकों को सफारी की बुकिंग करते समय लागू शुल्क के अनुसार भुगतान करना होगा। अलग-अलग वाहनों और पर्यटकों की श्रेणी के अनुसार शुल्क अलग हो सकता है।
बाघों के दीदार के लिए फिर गुलजार होगा जंगल
1 अक्टूबर से रणथंभौर के मुख्य पर्यटन जोन में सफारी शुरू होने के साथ ही जंगल एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होगा। मानसून के बाद जंगल का प्राकृतिक वातावरण भी अलग दिखाई देता है और अक्टूबर से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आती है।
वन विभाग, गाइड और सफारी संचालक नए सीजन को लेकर तैयार हैं। अब पर्यटकों की निगाहें रणथंभौर के जंगल में बाघ, तेंदुआ, भालू और अन्य वन्यजीवों के दीदार पर रहेंगी। हालांकि जंगल सफारी में वन्यजीवों का दिखना प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है, इसलिए किसी निश्चित साइटिंग की गारंटी नहीं होती।
1 अक्टूबर से शुरू होने वाला नया पर्यटन सत्र रणथंभौर के पर्यटन कारोबार के लिए भी अहम है। सफारी शुरू होने के साथ होटल, रिसॉर्ट, गाइड, वाहन चालक और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की गतिविधियां भी बढ़ेंगी।