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हरदोई जमीन पैमाइश वायरल वीडियो से गरमाया मामला, SC-ST एक्ट की धमकी का आरोप

By aonenewstv | Published: Sep 30, 2026 12:18 PM

हरदोई में जमीन की पैमाइश के दौरान जाति पूछने का वीडियो वायरल, SC-ST एक्ट की धमकी के आरोप पर जांच

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में जमीन की पैमाइश के दौरान राजस्व टीम की कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है। वायरल वीडियो को लेकर आरोप है कि पैमाइश के दौरान एक लेखपाल ने युवक से उसकी जाति पूछी और उसके ब्राह्मण होने की बात बताने के बाद दूसरे पक्ष की जाति पूछते हुए SC-ST एक्ट में कार्रवाई की धमकी दी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

सखौरा गांव में जमीन की पैमाइश का मामला

मामला हरदोई की सदर तहसील के टड़ियावां थाना क्षेत्र स्थित सखौरा गांव का है। जानकारी के मुताबिक गांव के मजरा बेहटी निवासी रामसागर पासी ने पट्टे पर मिली जमीन पर कब्जे और उसकी पैमाइश के लिए तहसील में आवेदन किया था। इसके बाद नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची।

राजस्व टीम में स्थानीय लेखपाल कौशल यादव, दूसरे क्षेत्र के लेखपाल आलोक त्रिपाठी और पुलिस बल मौजूद था। इसी दौरान संतोष कुमार पांडे के बेटे गौरव पांडे ने संबंधित जमीन पर अपना दावा बताते हुए पूरी भूमि की पैमाइश कराने की मांग की।

पैमाइश के दौरान जाति पूछने का आरोप

गौरव पांडे का आरोप है कि जब उन्होंने राजस्व टीम के सामने अपनी बात रखी तो उनकी बात नहीं सुनी गई। इसी दौरान लेखपाल आलोक त्रिपाठी ने उनसे उनकी जाति पूछी। गौरव के मुताबिक उन्होंने खुद को ब्राह्मण बताया। इसके बाद दूसरे पक्ष की जाति पूछी गई और उसके अनुसूचित जाति से होने की जानकारी सामने आने के बाद कथित तौर पर SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की धमकी दी गई।

इसी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कई संगठनों की ओर से आपत्ति जताई गई।

जमीन पर पेड़ हटाने को लेकर भी विवाद

गौरव पांडे का कहना है कि उनके परिवार के नाम करीब 30 वर्ष पहले सरकारी जमीन का पट्टा हुआ था। परिवार का दावा है कि जमीन को साफ कराने के बाद वहां पेड़ लगाए गए और लंबे समय से खेती की जा रही है।

गौरव का आरोप है कि पूरी जमीन की पैमाइश किए बिना ही खेत में लगे पेड़ों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। परिवार ने पूरी भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराने और मामले की जांच की मांग की है।

SDM ने टिप्पणी को बताया गलत, जांच के आदेश

विवाद बढ़ने के बाद हरदोई के सदर एसडीएम मयंक कुंडू ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर सखौरा गांव का वीडियो वायरल हुआ है। राजस्व टीम दोनों पक्षों के बीच भूमि विवाद की जांच और पैमाइश के लिए मौके पर गई थी।

एसडीएम के अनुसार पैमाइश के दौरान दोनों पक्षों के क्षेत्रफल में ओवरलैपिंग पाई गई। इसी दौरान लेखपाल की ओर से SC-ST एक्ट को लेकर की गई कथित टिप्पणी को उन्होंने गलत बताया। प्रशासन ने मामले की जांच तहसीलदार सदर को सौंपते हुए दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक और विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है।

लेखपाल ने धमकी देने के आरोप से किया इनकार

वहीं, वीडियो में कथित तौर पर धमकी देने के आरोपी लेखपाल आलोक त्रिपाठी ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह नायब तहसीलदार के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। उनके अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में पट्टे की जमीन की पैमाइश की जा रही है।

लेखपाल का दावा है कि मौके पर विवादित जमीन को लेकर कब्जे की स्थिति थी और दोनों पक्षों को अपना पक्ष कागजी दस्तावेजों के आधार पर रखने के लिए कहा गया। उन्होंने किसी को धमकी देने से साफ इनकार किया और कहा कि वायरल वीडियो को किस संदर्भ में प्रसारित किया गया है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच जारी है। तहसीलदार सदर की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि जमीन की पैमाइश के दौरान क्या परिस्थितियां थीं और वायरल वीडियो में सामने आई बातचीत का पूरा संदर्भ क्या था।

प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट: वायरल वीडियो में सामने आई बातचीत और पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

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