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अखिलेश यादव INDIA ब्लॉक बैठक से दूर, सीट शेयरिंग विवाद के बीच बढ़ी सियासी हलचल

By aonenewstv | Published: Sep 30, 2026 04:03 AM

अखिलेश यादव INDIA ब्लॉक की बैठक से रहेंगे दूर, सीट शेयरिंग विवाद के बीच सपा की रणनीति पर चर्चा

नई दिल्ली: कांग्रेस की ओर से बुधवार, 30 सितंबर को INDIA ब्लॉक के घटक दलों की अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दल आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। हालांकि, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।

अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी ऐसे समय में हो रही है जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सीट शेयरिंग पर बातचीत और बयानबाजी जारी है। सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

अखिलेश ने बताई बैठक में शामिल नहीं होने की वजह

अखिलेश यादव ने कहा है कि 30 सितंबर को उनका पहले से तय कार्यक्रम है, जिसकी वजह से वह INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी इस बारे में जानकारी दी है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि अखिलेश से उनकी और खड़गे की बात हुई है।

अखिलेश की जगह समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता बैठक में प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। हालांकि, बैठक में सपा का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इसे लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग जानकारी सामने आई है।

रामगोपाल यादव के नामांकन से जुड़ा कार्यक्रम

अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को उनके चाचा और सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के राज्यसभा नामांकन कार्यक्रम से भी जोड़ा जा रहा है। रामगोपाल यादव 30 सितंबर को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले हैं और अखिलेश यादव के उनके साथ रहने की संभावना बताई गई है।

यही वजह है कि सपा की ओर से इसे पहले से तय कार्यक्रम बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में अखिलेश और रामगोपाल यादव की बैठक से दूरी को यूपी में कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के संदर्भ में भी देखा गया है।

सीट शेयरिंग को लेकर सपा-कांग्रेस में खींचतान

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में सीटों पर दावा किए जाने की चर्चा के बीच सपा ने इस पर असहमति जताई है। सपा नेताओं की ओर से कहा गया है कि सीटों का बंटवारा दोनों दलों की सहमति से होना चाहिए।

सपा नेता जियाउर रहमान बर्क ने भी कहा है कि उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों को मिलकर फैसला करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पार्टियों को साथ चुनाव लड़ना है तो सीटों का निर्धारण सहमति से होना चाहिए।

INDIA ब्लॉक की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा?

30 सितंबर को होने वाली बैठक में विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR, EVM-VVPAT और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। बैठक नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में प्रस्तावित है।

रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के नेता बैठक में शामिल होंगे। वहीं कुछ दलों ने बैठक से दूरी बनाई है।

सपा के लिए यूपी की राजनीति अहम

अखिलेश यादव की अनुपस्थिति को समझने के लिए उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण हैं। सपा इस समय राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भी संगठनात्मक और गठबंधन संबंधी रणनीति पर काम कर रही है।

रामगोपाल यादव का राज्यसभा नामांकन भी इसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सपा राज्यसभा चुनाव में तीन सीटें जीतने के समीकरण पर काम कर रही है और पार्टी ने रामगोपाल यादव के नाम की घोषणा पहले ही कर दी थी।

फिलहाल अखिलेश यादव की ओर से बैठक में शामिल नहीं होने के लिए आधिकारिक तौर पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और राज्यसभा नामांकन से जुड़ी व्यस्तता बताई गई है। वहीं, सीट शेयरिंग को लेकर सपा-कांग्रेस के बीच जारी बातचीत के कारण उनकी गैरमौजूदगी के राजनीतिक मायनों पर भी चर्चा जारी है।

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