गुलवीर सिंह का जलवा जारी, 5000 मीटर में जीता ब्रॉन्ज; एशियन गेम्स में रचा खास इतिहास
जापान: भारत के स्टार डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पुरुषों की 5000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। गुलवीर ने 13:32.75 का समय निकालकर रेस पूरी की। इस पदक के साथ उन्होंने जापान में अपने मेडल्स की संख्या तीन कर ली है।
गुलवीर सिंह इससे पहले पुरुषों की 1500 मीटर और 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीत चुके थे। इस तरह एशियन गेम्स 2026 में ट्रैक पर उतरने के बाद उन्होंने हर बार भारत के लिए पदक जीता। 5000 मीटर का ब्रॉन्ज उनके लिए तीसरा पदक रहा।
एक ही एशियन गेम्स में तीन ट्रैक एंड फील्ड पदक
5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतने के साथ गुलवीर सिंह ने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह एक ही एशियन गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड के तीन पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं।
गुलवीर ने 1500 मीटर और 10,000 मीटर में सिल्वर मेडल जीतने के बाद 5000 मीटर में भी पोडियम फिनिश हासिल की। तीन अलग-अलग लंबी दूरी की स्पर्धाओं में लगातार पदक जीतना उनके शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
5000 मीटर में 13:32.75 का समय
पुरुषों की 5000 मीटर रेस में गुलवीर सिंह ने 13 मिनट 32.75 सेकेंड का समय दर्ज किया। उन्होंने पूरे मुकाबले के दौरान मजबूत प्रदर्शन किया और अंत में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
गुलवीर के लिए यह एशियन गेम्स 2026 का तीसरा पदक है। इससे पहले वह 1500 मीटर और 10,000 मीटर में सिल्वर जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं।
पीटी उषा का रिकॉर्ड अब भी कायम
महिला एथलीटों की बात करें तो महान भारतीय धाविका पीटी उषा का 1986 सियोल एशियन गेम्स का रिकॉर्ड अब भी कायम है। उषा ने उस प्रतियोगिता में चार गोल्ड और एक सिल्वर समेत कुल पांच पदक जीते थे।
गुलवीर सिंह ने पुरुष वर्ग में एक ही एशियन गेम्स में तीन ट्रैक एंड फील्ड पदक जीतकर खास उपलब्धि हासिल की है। उनके प्रदर्शन से एथलेटिक्स में भारत के पदकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
भारत के लिए लगातार पदक जीत रहे गुलवीर
एशियन गेम्स 2026 में गुलवीर सिंह का प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। 1500 मीटर से लेकर 10,000 मीटर और अब 5000 मीटर तक उन्होंने तीनों स्पर्धाओं में पदक जीते हैं।
5000 मीटर का ब्रॉन्ज मेडल उनके अभियान का एक और शानदार अध्याय है। गुलवीर के तीन पदकों ने जापान में भारतीय एथलेटिक्स की मौजूदगी को और मजबूत किया है।