अलीगढ़ विराट मेला देव छठ 2026: खेरेश्वर धाम में गूंजे गोपाल दास नीरज के गीत, कंस वध लीला ने मोहा मन
अलीगढ़-खैर रोड स्थित सिद्ध पीठ श्री खेरेश्वर धाम मंदिर परिसर में चल रहे अलीगढ़ विराट मेला देव छठ 2026 का धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। श्री खेरेश्वर महादेव व दाऊजी महाराज समिति के तत्वावधान में आयोजित मेले में 26 सितंबर को दोपहर से देर रात तक विभिन्न कार्यक्रम हुए। इससे पहले भी मेले में धार्मिक, सांस्कृतिक और अन्य आयोजन लगातार होते रहे।
‘एक शाम गोपाल दास नीरज के नाम’ कार्यक्रम
शनिवार दोपहर 12 बजे से विशाल इवेंट्स की ओर से ‘एक शाम गोपाल दास नीरज के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति अध्यक्ष ठा. गेहराज सिंह, महामंत्री ऋषि ओम शर्मा और कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत गायक विशाल नारायण शर्मा ने ‘भोले ओ भोले’, ‘राम तेरी गंगा मैली हो गई’ और ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ जैसे गीतों और भजनों की प्रस्तुति से की। इसके बाद गायिका नीरू माहौर ने ‘ओ रामजी बड़ा दुख दीना’ और ‘मधुबन में राधिका नाचे’ सहित भजनों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में गोपाल दास नीरज द्वारा लिखे गए गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। नीरज के गीतों के जरिए उनकी साहित्यिक और गीतकार के रूप में विरासत को याद किया गया।
बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थानों से जुड़े बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रितु ब्यूटी पार्लर, होली चौक की रिया, हिमांशी, रागिनी और सुमन ने गणेश वंदना प्रस्तुत की।
वहीं मुस्कान ब्यूटी पार्लर, मेलरोज बाईपास से सोनम, क्षमा, नंदनी, इशिका और अविंका ने ‘बरसाना की छोरी’, ‘राधा गोरी गोरी’ और ‘नैनो वालों ने छोड़ा मन का प्याला’ जैसी प्रस्तुतियां दीं।
इसके अलावा महक, नेहा, दिव्या, वंशिका, प्रकेश, कल्पना, भारती, ललिता, रोशनी, जानवी, रश्मि और काव्या समेत कई प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
अवस्थी ज्योतिष संस्थान के आचार्य पं. आदित्य नारायण अवस्थी ने प्रस्तुति देने वाले बच्चों को आशीर्वाद दिया। समिति पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
अतिथियों का किया गया सम्मान
राधे राधे वूमेन क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की उपाध्यक्ष अनीता पाल, रितु रानी और कु. मुस्कान ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
श्रीकृष्ण लीला में हुआ कंस वध का मंचन
शाम 5 बजे से आदर्श श्री गिरिराज कृष्ण प्रेम संस्थान, पलसों, मथुरा की ओर से श्रीकृष्ण लीला और रासलीला का आयोजन किया गया। इसमें कंस वध की लीला का मंचन प्रमुख आकर्षण रहा।
लीला की शुरुआत सोरन लाल शर्मा, ऋषि शर्मा, अशोक तोमर, प्रहलाद गिरी और राकेश शर्मा द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का पूजन और आरती कर की गई।
लीला में दिखाया गया कि मथुरा के राजा कंस ने भगवान श्रीकृष्ण को गोकुल से मथुरा लाने के लिए अक्रूर जी को भेजा। अक्रूर जी गोकुल पहुंचे और नंद बाबा के घर जाकर श्रीकृष्ण को मथुरा चलने के लिए कहा। श्रीकृष्ण के मथुरा जाने की खबर से गोकुल में दुख का माहौल छा गया।
कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों और गोकुलवासियों को समझाया कि वह वापस लौटकर आएंगे। नंद बाबा और यशोदा मैया की आज्ञा लेकर श्रीकृष्ण मथुरा के लिए रवाना हुए।
मथुरा पहुंचने के बाद रजक धोबी का वध और सुदामा माली पर कृपा करने के प्रसंग का मंचन किया गया। इसके बाद कंस द्वारा आयोजित धनुष यज्ञ और भगवान श्रीकृष्ण तथा कंस के बीच युद्ध का प्रसंग दिखाया गया। अंत में भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया।
कंस के पुतले का हुआ दहन
रात करीब 8 बजे भगवान श्रीकृष्ण की लीला के बाद कंस के पुतले का दहन किया गया। आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सुदर्शन चक्र से अग्नि प्रज्वलित कर कंस के पुतले को आग लगाने का मंचन किया गया।
स्थानीय कार्यक्रम सूची में भी खेरेश्वर के देवछठ मेले में कृष्ण लीला और कंस के पुतला दहन का उल्लेख किया गया था।
कार्यकर्ताओं का सम्मान, मेले का समापन
रात्रि में आयोजित सम्मान समारोह में समिति पदाधिकारियों ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। समिति अध्यक्ष ठा. गेहराज सिंह ने मेले के समापन की घोषणा की।
समिति कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों और उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मेला प्रभारी विश्वजीत तोमर, मेला संयोजक संजय शर्मा, मुख्य महंत प्रहलाद गिरी, बिहारी जी सर्राफ, सूबेदार डीएस चौहान, सुरेंद्र प्रधान, छोटेलाल शर्मा, अशोक तोमर, मास्टर अनिल कुमार, टीटू, नरेंद्र सिंह, राम कुमार शर्मा, अनंत गिरी, सोरन लाल शर्मा, घमंडी सिंह वर्मा, ऋषि शर्मा, अशोक तोमर, कालू राघव, पंकज सिंह, सुनील कुमार समेत समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।