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अजय जायसवाल घोसी से BSP प्रत्याशी, BJP छोड़कर बसपा में आए नेता को मिला टिकट

By yogesh jindoria | Published: Sep 21, 2026 05:27 AM

घोसी से BSP ने अजय जायसवाल को बनाया प्रभारी प्रत्याशी, BJP छोड़कर बसपा में आए हैं नेता

मऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट से अजय जायसवाल को अपना प्रभारी प्रत्याशी घोषित किया है। अजय जायसवाल कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी छोड़कर बसपा में शामिल हुए थे। पार्टी की ओर से उनकी घोषणा के बाद घोसी की चुनावी राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

भाजपा से लंबे समय तक जुड़े रहे अजय जायसवाल

अजय जायसवाल पिछले कई वर्षों से भाजपा से जुड़े रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अगस्त 2026 में भाजपा छोड़कर बसपा का दामन थामा था। इससे पहले वह लंबे समय तक भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे और सामाजिक व व्यावसायिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं।

उनके बसपा में शामिल होने के समय ही घोसी विधानसभा सीट से उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। उस समय पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी, लेकिन अब बसपा ने उन्हें घोसी से प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

कार्यकर्ता महासम्मेलन में हुई घोषणा

अजय जायसवाल की उम्मीदवारी की घोषणा कोपागंज में आयोजित बसपा के कार्यकर्ता महासम्मेलन के दौरान की गई। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस आयोजन के जरिए बसपा ने घोसी विधानसभा क्षेत्र में अपने चुनावी अभियान की दिशा स्पष्ट की है।

बसपा ने मऊ जिले की चार विधानसभा सीटों में से तीन पर अपने प्रभारी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार घोसी से अजय जायसवाल, मोहम्मदाबाद गोहना (सुरक्षित) से अक्षयदीप उर्फ जेके आजाद और मधुबन से भरत सिंह उर्फ भरत भैया को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि मऊ सदर सीट पर पार्टी ने अभी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।

सपा के आरोपों पर बसपा का जवाब

अजय जायसवाल की घोषणा के दौरान बसपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। सपा की ओर से बसपा और भाजपा के बीच नजदीकी को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। बसपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी अलग राजनीतिक रणनीति की बात कही।

घोसी में बसपा की सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है, जब 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल संगठन स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं। अलग-अलग पार्टियां स्थानीय नेताओं और सामाजिक समीकरणों के आधार पर अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं।

अजय जायसवाल ने बताई अपनी प्राथमिकताएं

प्रभारी प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद अजय जायसवाल ने शिक्षा और समाज सेवा को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से घोसी क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क और समाज सेवा का काम कर रहे हैं।

उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों के साथ उनका लंबे समय से संपर्क रहा है और वह स्थानीय समस्याओं को समझते हैं। अजय जायसवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने और समाज सेवा को आगे बढ़ाने की बात भी कही।

2027 से पहले घोसी में बढ़ी राजनीतिक हलचल

घोसी विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा में रहा है। 2023 के उपचुनाव में भी यह सीट राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रही थी। अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बसपा की ओर से अजय जायसवाल को प्रभारी प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

अजय जायसवाल के भाजपा छोड़कर बसपा में आने और अब घोसी से प्रभारी प्रत्याशी बनाए जाने का घटनाक्रम स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, चुनाव अभी दूर है और अन्य दलों की ओर से अपने प्रत्याशियों की अंतिम घोषणा तथा चुनावी रणनीति सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

मऊ की तीन सीटों पर बसपा ने खोले पत्ते

मऊ जिले में कुल चार विधानसभा सीटें हैं। इनमें घोसी, मधुबन, मऊ सदर और मोहम्मदाबाद गोहना (सुरक्षित) शामिल हैं। बसपा ने फिलहाल तीन सीटों पर प्रभारी प्रत्याशी घोषित किए हैं।

घोसी से अजय जायसवाल की घोषणा के साथ बसपा ने अपना चुनावी अभियान स्थानीय स्तर पर तेज करने का संकेत दिया है। अब आने वाले दिनों में सपा, भाजपा और अन्य दलों की ओर से उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को लेकर होने वाली घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

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