पश्चिम बंगाल उपचुनाव: रेजीनगर से TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने वापस लिया नामांकन
पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने रेजीनगर सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया है। इससे पहले नंदीग्राम सीट से TMC की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे भी अपना नामांकन वापस ले चुकी हैं। रेजीनगर से नाम वापसी की जानकारी 19 सितंबर को सामने आई।
रबीउल आलम चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कम समय में मतदाताओं को नए चुनाव चिन्ह से परिचित कराना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद उन्होंने चुनाव मैदान से हटने का फैसला किया और अपने नेता को इसकी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव चिन्ह उनके लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा था।
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दो गुटों के बीच विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव के लिए पुराने पार्टी नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसके बाद आयोग ने दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिन्ह दिया गया, जबकि दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चुनाव चिन्ह मिला।
रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर से पहले पूरी की जानी है।
नंदीग्राम सीट से TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। वहीं रेजीनगर में रबीउल आलम चौधरी के नाम वापस लेने के बाद यहां चुनावी मुकाबले का समीकरण भी बदल गया है।
रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए TMC ने पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी और नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया गया था। अब दोनों उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के बाद इन सीटों पर मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।