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देवेंद्र फडणवीस का सूखे पर बड़ा फैसला, केंद्र की मदद का इंतजार किए बिना किसानों को मिलेगी राहत

By yogesh jindoria | Published: Sep 19, 2026 06:16 AM

मुंबई: महाराष्ट्र में कम बारिश के कारण कई इलाकों में बने सूखे जैसे हालात को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को राहत देने की बात कही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य सरकार फसल नुकसान का आकलन कराएगी और केंद्र से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) की सहायता मिलने से पहले राज्य के अपने संसाधनों से किसानों को मदद देने की तैयारी कर रही है।

5 अक्टूबर के बाद होगा फसल नुकसान का सर्वे

देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नियमों के अनुसार फसल नुकसान का पंचनामा और सर्वेक्षण 5 अक्टूबर के बाद शुरू किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने इसकी तैयारियां पहले से शुरू कर दी हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के अनुसार कई जिलों में प्रारंभिक आकलन का काम चल रहा है और विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर राहत की राशि तय की जाएगी।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि राहत संबंधी फैसला पर्याप्त जमीनी आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को नुकसान के अनुरूप सहायता मिल सके।

31 जिलों में कम बारिश का दावा

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर महाराष्ट्र के प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की है। पवार ने दावा किया है कि राज्य के 36 में से 31 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है और इससे सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का तथा दलहन जैसी फसलों पर असर पड़ा है।

शरद पवार ने प्रभावित किसानों के लिए कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और खेतिहर मजदूर परिवारों के लिए 25 हजार रुपये की सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने कृषि ऋण माफी, नए फसल ऋण और चारा-पानी की व्यवस्था सहित कई सुझाव सरकार के सामने रखे हैं।

फडणवीस ने कहा- सरकार स्थिति पर नजर रख रही है

शरद पवार के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार स्थिति को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पवार वरिष्ठ नेता हैं और उनके सुझावों पर सरकार विचार करेगी। फडणवीस ने यह भी कहा कि सरकार सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए पहले से कदम उठा रही है।

राज्य सरकार के अनुसार प्रभावित इलाकों में पानी और चारे की संभावित कमी से निपटने की तैयारी भी की जा रही है। मराठवाड़ा समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश की कमी का असर खरीफ फसलों पर पड़ा है।

राहत पैकेज पर सर्वे के बाद फैसला

महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि फसल नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों के लिए राहत की राशि और अन्य उपायों पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं विपक्षी दल तत्काल सूखा घोषित कर आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं। इस तरह महाराष्ट्र में कम बारिश और फसल नुकसान को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस जारी है।

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