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Delhi Guddu Badshah Murder Case: 8 आरोपी गिरफ्तार, 12 हजार KM तक चला पुलिस ऑपरेशन

# Delhi Guddu Badshah Murder Case: 8 आरोपी गिरफ्तार, 12 हजार KM तक चला पुलिस ऑपरेशन

**नई दिल्ली:** दिल्ली के पुल प्रह्लादपुर इलाके के लाल कुआं में 28 जुलाई को हुई इरशाद आलम उर्फ **गुड्डू बादशाह** की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस ने इस केस में कुल **8 आरोपियों को गिरफ्तार** किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और मोबाइल फोन बंद कर दिए थे।

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पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए करीब **12 हजार किलोमीटर** तक ऑपरेशन चलाया गया। तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग जगहों पर आरोपियों की तलाश की।

## 28 जुलाई को हुई थी गुड्डू बादशाह की हत्या

पुलिस के मुताबिक, 28 जुलाई को लाल कुआं, पुल प्रह्लादपुर इलाके में फायरिंग की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां इरशाद आलम उर्फ गुड्डू बादशाह गोली लगने से घायल अवस्था में मिला।

घायल गुड्डू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मामला हत्या का सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

## पुरानी रंजिश को बताया हत्या की वजह

जांच के दौरान पुलिस को हत्या के पीछे **पुरानी रंजिश** का पता चला। पुलिस के मुताबिक, यह कथित दुश्मनी गुड्डू बादशाह और आरोपियों शमशाद तथा अशफाक के बीच थी। इस विवाद की जड़ें बिहार से जुड़ी बताई जा रही हैं।

जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने कथित साजिश और हत्या में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ और तकनीकी जांच से मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

## शमशाद पर साजिश में अहम भूमिका का आरोप

पुलिस के अनुसार, **शमशाद** कथित साजिश के प्रमुख लोगों में से एक था। जांच में सामने आया कि वह इंटरनेट आधारित कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए दूसरे आरोपियों के संपर्क में था।

पुलिस ने आरोपियों के बीच हुई कथित बातचीत और उनके संपर्कों की जांच की। इसके साथ ही आरोपियों की गतिविधियों और हत्या के बाद उनके भागने के रास्तों का भी पता लगाया गया।

## हत्या के बाद लगातार बदलते रहे ठिकाने

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। इसके बाद वे लगातार अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलते रहे।

आरोपियों की इस रणनीति के कारण पुलिस के सामने उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण था। जांच टीम ने तकनीकी निगरानी के साथ-साथ जमीनी सूचना जुटाकर उनके संभावित ठिकानों का पता लगाया।

## 12 हजार किलोमीटर तक चला ऑपरेशन

पुलिस का दावा है कि आरोपियों की तलाश में टीम ने लगभग **12 हजार किलोमीटर** तक ऑपरेशन चलाया। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय पुलिस की मदद भी ली गई।

तकनीकी निगरानी से मिले इनपुट को जमीनी स्तर पर मिली जानकारी से मिलाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।

## आठ आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने कुल **8 आरोपियों को गिरफ्तार** किया है। इनमें शमशाद, अशफाक और अन्य आरोपी शामिल हैं। आठवां आरोपी **अमन यादव (25)** लाल कुआं, पुल प्रह्लादपुर, दिल्ली का रहने वाला बताया गया है।

पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश और वारदात में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

## हथियार और केस प्रॉपर्टी की बरामदगी जारी

पुलिस के मुताबिक, अमन यादव और फारुख से जुड़े कथित तौर पर छिपाए गए **दो अन्य अवैध हथियारों** और दूसरे केस प्रॉपर्टी की बरामदगी के प्रयास अभी जारी हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और जानकारी सामने आ सकती है।

## शमशाद और अशफाक का आपराधिक इतिहास भी खंगाला गया

जांच के दौरान पुलिस ने शमशाद और अशफाक के कथित आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं और उनका आपराधिक नेटवर्क कितना बड़ा है।

हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी के अलावा किसी अन्य वजह या व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

## पुलिस की जांच अभी जारी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के अलावा हथियारों और अन्य सबूतों की तलाश कर रही है।

फिलहाल पुलिस का दावा है कि तकनीकी निगरानी, स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी और लगातार किए गए ऑपरेशन के जरिए गुड्डू बादशाह हत्याकांड के आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हत्या की साजिश कब और कहां रची गई थी और वारदात में कौन-कौन लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।

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