भारतीय रेलवे ने असम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के 2,589 किलोमीटर लंबे ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क का अब 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की। यह उपलब्धि पूर्वोत्तर भारत में रेलवे के आधुनिकीकरण और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2,589 किलोमीटर रेल नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिफाइड
असम में कुल 2,589 किलोमीटर लंबे ब्रॉडगेज नेटवर्क को इलेक्ट्रिक ट्रैक में बदल दिया गया है। इसमें डिमा हसाओ जिले का 169 किलोमीटर लंबा लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी रेलखंड भी शामिल है। पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इस हिस्से में विद्युतीकरण का काम चुनौतीपूर्ण माना जाता था।
रेलवे के विद्युतीकरण से ट्रेनों के संचालन में डीजल पर निर्भरता कम होगी। इससे परिचालन अधिक कुशल होने के साथ-साथ ईंधन की लागत और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है।
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
रेल नेटवर्क के पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड होने से इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के जरिए ट्रेनों का संचालन आसान होगा। इससे ट्रेनों की गति और परिचालन क्षमता में सुधार हो सकता है। साथ ही, बार-बार लोकोमोटिव बदलने की जरूरत कम होने से यात्रा के समय में भी बचत होने की संभावना है।
रेलवे के लिए यह उपलब्धि पर्यावरण के लिहाज से भी अहम है। विद्युतीकरण से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और रेलवे को अधिक ऊर्जा-कुशल परिवहन व्यवस्था बनाने में मदद मिलती है।
असम के मुख्यमंत्री ने भी बताया बड़ी उपलब्धि
असम के मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे विद्युतीकरण का यह लक्ष्य महज 12 वर्षों में हासिल किया गया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब 2014 से पहले राज्य के अधिकांश ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क पर विद्युतीकरण नहीं हुआ था।
असम का पूरा रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिफाइड होने से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में भी मदद मिलेगी। इससे माल ढुलाई और यात्री सेवाओं को अधिक कुशल बनाने में सहायता मिल सकती है।
पहाड़ी रेलखंड पर था खास फोकस
लुमडिंग-बदरपुर सेक्शन असम के सबसे चुनौतीपूर्ण रेलखंडों में से एक है। यह इलाका पहाड़ी भूभाग से होकर गुजरता है, जिसके कारण यहां विद्युतीकरण का काम तकनीकी रूप से कठिन था। इस सेक्शन के इलेक्ट्रिफिकेशन के साथ राज्य के पूरे ब्रॉडगेज नेटवर्क को इलेक्ट्रिक ट्रैक में बदलने का लक्ष्य पूरा हुआ।
भारतीय रेलवे देशभर में अपने ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। असम की यह उपलब्धि पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे के आधुनिक और अधिक टिकाऊ नेटवर्क की दिशा में एक अहम कदम है।