मुजफ्फरपुर ड्रग्स तस्करी: मक्के की 22 टन खेप में छिपाकर भेजी जा रही थी 55.86 किलो मेथ
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई की राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की जांच में खुलासा हुआ है कि 22 टन मक्के की खेप के बीच छिपाकर 55.860 किलोग्राम मिथाइल एम्फेटामाइन (मेथ) विदेश भेजने की कोशिश की गई थी। यह खेप मुंबई के न्हावा शेवा स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन से सऊदी अरब भेजी जानी थी। मामले की जांच के बाद DRI ने मुजफ्फरपुर के बोचहां इलाके से मोहम्मद बासिर हवारी उर्फ फरहान को गिरफ्तार किया है।
मक्के की खेप में छिपाई गई थी ड्रग्स
DRI की जांच के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 को मुंबई के न्हावा शेवा इलाके में एक कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट की जांच की गई। इसी दौरान मक्के के दानों के बीच छिपाकर रखी गई सफेद क्रिस्टलीय सामग्री बरामद हुई।
जांच में इस पदार्थ की पहचान मिथाइल एम्फेटामाइन के रूप में हुई। बरामद ड्रग्स का कुल वजन 55.860 किलोग्राम बताया गया है। यह खेप मेसर्स शिव ट्रेडिंग कंपनी के नाम से विदेश भेजे जाने के लिए तैयार की गई थी।
मुजफ्फरपुर से लोड की गई थी खेप
जांच आगे बढ़ने पर DRI को तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि नशीले पदार्थों को बिहार के मुजफ्फरपुर से मक्के की खेप में छिपाकर लोड किया गया था।
DRI के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में बोचहां के परंती गांव का रहने वाला मोहम्मद बासिर हवारी उर्फ फरहान एक अहम कड़ी के तौर पर सामने आया। आरोप है कि उसने नशीले पदार्थ की व्यवस्था कराने, उसे पैक कराने और मक्के की खेप में लोड करवाने में भूमिका निभाई।
6 अगस्त को लगाया गया था शिपिंग बिल
जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की खेप को विदेश भेजने की तैयारी पहले से की जा रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 अगस्त को शिपिंग बिल लगाया गया था और इसके बाद 16 अगस्त को माल को बाहर भेजने की योजना थी।
हालांकि, न्हावा शेवा में जांच के दौरान DRI अधिकारियों ने संदिग्ध कंसाइनमेंट को पकड़ लिया और मक्के के बीच छिपाकर रखी गई ड्रग्स बरामद कर ली। इसके बाद जांच एजेंसी ने खेप से जुड़े लोगों की पहचान के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का इस्तेमाल किया।
मोबाइल लोकेशन से आरोपी तक पहुंची DRI
ड्रग्स की बरामदगी के बाद DRI ने मामले की जांच तेज की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से जांच टीम मुजफ्फरपुर के बोचहां इलाके में आरोपी तक पहुंची।
DRI टीम ने परंती गांव में कार्रवाई करते हुए मोहम्मद बासिर हवारी को गिरफ्तार किया। स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, DRI टीम को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया।
48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड
गिरफ्तारी के बाद DRI ने आरोपी को मुजफ्फरपुर की CJM अदालत में पेश किया। एजेंसी ने उसे मुंबई की अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की।
कोर्ट ने 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। इसके बाद DRI की टीम आरोपी को मुंबई ले गई, जहां उसे संबंधित अदालत में पेश किया जाना है। उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विदेश में बैठे लोगों से संपर्क का आरोप
जांच में DRI को आरोपी के कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के बारे में भी जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में विदेश में मौजूद एक अफगान नागरिक और उसके साथी के संपर्क में होने की बात बताई है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और मक्के की खेप के जरिए ड्रग्स को विदेश भेजने की योजना किस स्तर पर बनाई गई थी।
परिवार ने आरोपों से जताई अनभिज्ञता
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उसकी पत्नी मदीना खातून ने मामले में लगाए गए आरोपों की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनके पति पिछले करीब एक साल से घर पर रह रहे थे और वाहन खरीदने-बेचने से जुड़ा काम करने की तैयारी कर रहे थे।
हालांकि, परिवार के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक भूमिका और ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क में आरोपी की कथित संलिप्तता का फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की जांच जारी
55.860 किलोग्राम मिथाइल एम्फेटामाइन की बरामदगी के बाद जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का फोकस इस बात पर है कि ड्रग्स कहां से हासिल की गई, इसे मक्के की खेप में किसने छिपाया और विदेश भेजने की पूरी व्यवस्था में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
मुजफ्फरपुर से गिरफ्तारी और मुंबई ले जाए गए आरोपी से पूछताछ के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल DRI की कार्रवाई और आगे की जांच पर नजर बनी हुई है।