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ग्रेटर नोएडा विदेशी नागरिक MDMA: 50 लाख की ड्रग्स के साथ आइवरी कोस्ट और घाना के दो आरोपी गिरफ्तार

By yogesh jindoria | Published: Sep 16, 2026 06:48 AM

ग्रेटर नोएडा में 50 लाख की MDMA बरामद, दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार, सप्लाई का तरीका जानकर पुलिस भी हैरान

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 600 ग्राम MDMA बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी आइवरी कोस्ट और घाना के रहने वाले हैं और बिजनेस वीजा पर भारत आए थे।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी दिल्ली-NCR में एक जगह लगातार नहीं रहते थे। जिस इलाके में ड्रग्स की सप्लाई करनी होती थी, उसके आसपास स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लेकर ठहरते थे और वहीं से कथित तौर पर अपना नेटवर्क चलाते थे।

पैरामाउंट सोसायटी के स्टूडियो अपार्टमेंट में रह रहे थे

पुलिस ने दोनों आरोपियों को ग्रेटर नोएडा की पैरामाउंट सोसायटी स्थित पाइन टावर के एक स्टूडियो अपार्टमेंट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1.19 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, पैकिंग पॉलिथीन, दो पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन और दो बैग भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 7 बजे दोनों आरोपी सेक्टर-130 मीटर रोड पर पैरामाउंट सोसायटी के सामने एक ऑटो से उतरे। इसी दौरान उनकी नजर पुलिस की गाड़ी पर पड़ी और दोनों वहां से भागने लगे।

पुलिस को देखकर तोड़ दिए मोबाइल फोन

पुलिस का कहना है कि भागते समय आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिए। इसके अलावा उन्होंने एक बैग झाड़ियों में भी फेंक दिया। पुलिसकर्मियों ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद दोनों को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को MDMA समेत अन्य सामान मिला। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बरामद पदार्थ के बारे में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और उसे ‘घोड़े का खाना’ बताया।

जहां ड्रग्स की सप्लाई, वहीं किराये का कमरा

जांच में पुलिस के सामने आरोपियों के काम करने का कथित तरीका भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों किसी एक स्थान पर लंबे समय तक नहीं रहते थे। दिल्ली-NCR के जिस इलाके में ड्रग्स की सप्लाई करनी होती, उसके आसपास ही स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लेते थे।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी भारत कब आए थे, कितने समय से यहां रह रहे थे और उनके बिजनेस वीजा की अवधि कितनी थी। पुलिस के अनुसार, दोनों ने हाल में अपना वीजा रिन्यू भी कराया था।

सोशल मीडिया से ग्राहक और ऑनलाइन डिलीवरी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया के जरिए संभावित ग्राहकों से संपर्क करते थे। इसके बाद ड्रग्स की डिलीवरी के लिए ऑनलाइन माल परिवहन सेवा ऐप और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया जाता था।

पुलिस का दावा है कि आरोपी मुख्य रूप से अफ्रीकी मूल के लोगों और दिल्ली-NCR के कॉलेज छात्रों को MDMA सप्लाई करते थे। पुलिस के अनुसार, MDMA को कथित तौर पर 2 हजार से 4 हजार रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर बेचा जाता था।

टूटे मोबाइल से खुलेगा ड्रग्स नेटवर्क का राज

पुलिस ने आरोपियों के टूटे हुए मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिए हैं। अब इन मोबाइल की जांच के जरिए पुलिस कथित ऑनलाइन चैट, संभावित खरीदारों, सप्लाई नेटवर्क और लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस को आशंका है कि दिल्ली-NCR में कहीं अवैध तरीके से मादक पदार्थ तैयार किए जा रहे थे और वहां से आरोपियों तक ड्रग्स की खेप पहुंच रही थी। हालांकि, यह फिलहाल जांच का हिस्सा है और इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस दोनों आरोपियों के पास मिले पासपोर्ट और वीजा दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

फिलहाल दोनों विदेशी नागरिक पुलिस की गिरफ्त में हैं। 600 ग्राम MDMA, नकदी, पैकिंग सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद पुलिस कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

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