कानपुर में सरकारी जमीन पर बने कब्रिस्तान पर KDA का बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
कानपुर में सरकारी जमीन पर बने कब्रिस्तान के कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने 19 सितंबर 2026 को कार्रवाई की। KDA की टीम सुबह करीब 6 बजे बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बाउंड्री वॉल समेत सरकारी जमीन पर बने निर्माण को ध्वस्त किया।
मामला कानपुर के बरी गांव की आराजी संख्या 314 से जुड़ा है। KDA के मुताबिक यहां करीब 500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर कथित तौर पर कब्जा किया गया था। प्राधिकरण का कहना है कि मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी की ओर से जमीन के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनाई गई थी और इसके भीतर कमरों समेत अन्य निर्माण भी कराए गए थे।
नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
KDA अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी कर जमीन और निर्माण के संबंध में जवाब मांगा गया था। प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और कथित अतिक्रमण खुद हटाने के लिए समय भी दिया गया था। इसके बाद कार्रवाई की गई। KDA ने 14 अगस्त को पुलिस प्रशासन से ध्वस्तीकरण के दौरान पर्याप्त पुलिस, PAC और महिला पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया था।
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित पक्ष ने कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन याचिका खारिज होने के बाद KDA ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
भारी पुलिस बल की तैनाती
कब्रिस्तान से जुड़े मामले को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, PAC और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की। ACP स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
KDA ने कहा- कब्रों को नहीं हटाया गया
KDA के मुताबिक कार्रवाई सरकारी जमीन पर बने कथित अतिक्रमण और निर्माण तक सीमित रही। प्राधिकरण का कहना है कि कब्रिस्तान के तौर पर दर्ज जमीन के हिस्से और कब्रों को हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। बाउंड्री वॉल और सरकारी जमीन पर बने अन्य स्ट्रक्चर को हटाया गया है।
वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। पक्ष का कहना है कि इस स्थान पर लंबे समय से कब्रिस्तान मौजूद है और वहां लोगों को दफनाया जाता रहा है। उनका आरोप है कि कार्रवाई पर्याप्त सूचना के बिना की गई। संबंधित पक्ष ने मामले को लेकर अदालत का रुख करने की बात कही है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण और उससे जुड़े निर्माण को लेकर मामला चर्चा में है। KDA का कहना है कि कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।