अमेरिका पासपोर्ट नियम: बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए माता-पिता को देना पड़ सकता है नागरिकता का सबूत
नई दिल्ली: अमेरिका में बच्चों के पासपोर्ट को लेकर एक नए प्रस्ताव पर काम चल रहा है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में जन्मे बच्चों का पासपोर्ट बनवाते समय माता-पिता या कानूनी अभिभावकों को अपनी नागरिकता या अमेरिका में रहने की कानूनी स्थिति का प्रमाण देना पड़ सकता है। यह प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की जन्म आधारित नागरिकता यानी Birthright Citizenship से जुड़े नियमों में बदलाव की कोशिश का हिस्सा है।
मौजूदा व्यवस्था में अमेरिका में जन्मे बच्चे का पासपोर्ट बनवाते समय माता-पिता को बच्चे से अपने संबंध का प्रमाण और अपनी पहचान दिखानी होती है। यदि माता-पिता अमेरिकी नागरिक हैं, तो वर्तमान प्रक्रिया में उन्हें अपनी नागरिकता का अलग से दस्तावेज जमा करना जरूरी नहीं है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया में अतिरिक्त दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
क्या है अमेरिका पासपोर्ट नियम का नया प्रस्ताव?
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, बच्चे के पासपोर्ट आवेदन के दौरान माता-पिता या कानूनी अभिभावक को अपनी नागरिकता या अमेरिका में रहने की कानूनी स्थिति से संबंधित दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
अमेरिकी नागरिक माता-पिता अपनी नागरिकता साबित करने के लिए वैध अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज पेश कर सकते हैं। वहीं, गैर-अमेरिकी नागरिकों को अपने इमिग्रेशन स्टेटस का प्रमाण देना पड़ सकता है। इसमें I-94 जैसे इमिग्रेशन दस्तावेज या वैध स्थायी निवासी यानी Green Card से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
सरकार इन जानकारियों का इस्तेमाल यह निर्धारित करने के लिए कर सकती है कि संबंधित बच्चा प्रस्तावित नए आदेश के तहत अमेरिकी नागरिकता के लिए योग्य है या नहीं।
मौजूदा नियमों में क्या है व्यवस्था?
अभी अमेरिका में बच्चे का पासपोर्ट बनवाने के लिए माता-पिता को मुख्य रूप से बच्चे से अपने संबंध का प्रमाण और फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होता है। आवेदन प्रक्रिया में माता-पिता से यह भी पूछा जाता है कि वे अमेरिकी नागरिक हैं या नहीं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में अमेरिकी नागरिक होने का समर्थन करने वाला दस्तावेज अलग से जमा करना जरूरी नहीं है।
प्रस्तावित बदलाव इस प्रक्रिया को अधिक सख्त कर सकता है। इसके तहत माता-पिता की नागरिकता या इमिग्रेशन स्थिति से जुड़े दस्तावेज भी पासपोर्ट आवेदन की जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन क्यों कर रहा है बदलाव की कोशिश?
यह प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जन्म आधारित नागरिकता को सीमित करने की व्यापक नीति से जुड़ा है। ट्रंप प्रशासन ने 6 अगस्त 2026 को Executive Order 14418 जारी किया था, जिसका उद्देश्य कुछ विशेष परिस्थितियों में अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता दिए जाने की व्यवस्था को सीमित करना है।
आदेश में खास तौर पर उन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है, जिनमें बच्चे के माता-पिता में से कोई विदेशी सरकार का कर्मचारी हो, कुछ विशेष श्रेणियों में विदेशी नागरिक हो या बच्चे की अमेरिका में जन्म से नागरिकता हासिल करने के लिए धोखाधड़ी या व्यावसायिक व्यवस्था में शामिल रहा हो।
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से Birth Tourism पर भी सख्ती की बात करता रहा है। Birth Tourism का मतलब ऐसी स्थिति से है, जब कोई महिला बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका जाती है ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या जुड़ा है मामला?
ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले भी जन्म आधारित नागरिकता को सीमित करने की कोशिश की थी। उस प्रयास को अदालत में चुनौती दी गई थी और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले प्रयास को असंवैधानिक माना था। अदालत के फैसले के बाद प्रशासन ने अगस्त 2026 में एक नया और अधिक सीमित आदेश जारी किया।
6 अगस्त के नए आदेश में कुछ विशेष श्रेणियों के बच्चों को जन्म आधारित नागरिकता से बाहर रखने की नीति निर्धारित की गई है। हालांकि इस आदेश की कानूनी वैधता को लेकर भी अदालत में चुनौती दी जा रही है।
नए आदेश को कोर्ट में चुनौती
ट्रंप प्रशासन के इस नए कदम को लेकर कानूनी विवाद भी शुरू हो गया है। ऐसे परिवारों और बच्चों की ओर से मामले अदालत में ले जाए गए हैं, जिन पर प्रस्तावित व्यवस्था का असर पड़ सकता है।
मैरीलैंड की संघीय अदालत में भी इस मामले को लेकर सुनवाई हुई है। जज Deborah Boardman ने प्रशासन के आदेश को लेकर गंभीर कानूनी सवाल उठाए हैं, हालांकि उन्होंने तत्काल आदेश पर रोक नहीं लगाई। सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया है कि नए नियमों को लागू करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और इसलिए चुनौती को फिलहाल जल्दबाजी माना जाना चाहिए।
अभी लागू नहीं हुआ है नया नियम
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका पासपोर्ट नियम में यह बदलाव अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। अमेरिकी सरकार की ओर से इसे लागू करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे लागू नियम के रूप में नहीं देखा जा सकता।
अगर प्रस्ताव अंतिम रूप लेकर लागू होता है, तो अमेरिका में जन्मे बच्चों के पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया में माता-पिता की नागरिकता या इमिग्रेशन स्टेटस की जांच एक अतिरिक्त चरण बन सकती है।
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जिनमें माता-पिता में से कोई अमेरिकी नागरिक नहीं है या जिनकी इमिग्रेशन स्थिति को लेकर दस्तावेजी जांच की जरूरत पड़ती है।
अमेरिका में नागरिकता को लेकर बड़ी बहस
अमेरिका में जन्म आधारित नागरिकता लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय रही है। ट्रंप प्रशासन इसे इमिग्रेशन नीति में व्यापक बदलाव के हिस्से के तौर पर देखता है, जबकि इसके विरोध में मौजूद संगठन और याचिकाकर्ता इसे अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में दिए गए नागरिकता अधिकारों से जोड़कर चुनौती दे रहे हैं।
ऐसे में बच्चों के पासपोर्ट के लिए माता-पिता की नागरिकता या इमिग्रेशन स्थिति का प्रमाण मांगने का प्रस्ताव केवल पासपोर्ट प्रक्रिया में बदलाव नहीं है, बल्कि यह अमेरिका में जन्म आधारित नागरिकता को लेकर चल रही बड़ी कानूनी और राजनीतिक बहस से भी जुड़ा हुआ है।
फिलहाल अमेरिकी सरकार की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इसलिए परिवारों के लिए मौजूदा पासपोर्ट प्रक्रिया और प्रस्तावित बदलाव के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।

