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राम मंदिर दान विवाद पर संसद में घमासान! खरगे बोले- पीएम मोदी सदन में आकर दें जवाब

नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान, चढ़ावे और कथित तौर पर कीमती सामान के गायब होने के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में जवाब देने की मांग की है।

खरगे का कहना है कि यह मामला केवल राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर से संबंधित व्यवस्थाओं और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे आरोपों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

‘पीएम मोदी सदन में आकर दें जवाब’

उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक कार्यक्रम के दौरान खरगे ने राम मंदिर से जुड़े आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंदिर के निर्माण, उद्घाटन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए अब उठ रहे सवालों पर उन्हें संसद में जवाब देना चाहिए।

खरगे ने कहा कि विपक्ष उन श्रद्धालुओं की ओर से सवाल उठा रहा है, जिनकी भगवान राम और राम मंदिर में आस्था है। उन्होंने मंदिर के अंदर रखी संपत्तियों की कथित चोरी और उनकी सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठाए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जब मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं तो सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

सोना, चांदी और कीमती सामान को लेकर सवाल

खरगे ने मंदिर परिसर में रखे गए कथित आभूषण, सोना, चांदी, नकदी और अन्य कीमती सामानों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने सोने की ईंटों और सोने से बनी रामचरितमानस से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया।

हालांकि, इन दावों की वास्तविक स्थिति जांच का विषय है। ऐसे में आरोपों और जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है। फिलहाल संबंधित एजेंसियों की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि किन संपत्तियों को लेकर अनियमितता हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

मामले की जांच के लिए गठित हुई एसआईटी

राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन और संपत्तियों के मामले में जांच पहले से चल रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मामले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है।

जांच एजेंसियां कथित वित्तीय लेनदेन और धन के प्रवाह यानी मनी ट्रेल की पड़ताल कर रही हैं। जांच का उद्देश्य कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है।

मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, किसी आरोपी की गिरफ्तारी अपने आप में अपराध साबित नहीं करती। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

संसद परिसर में भी विपक्ष ने उठाया मुद्दा

राम मंदिर से जुड़े दान और संपत्ति के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद भी संसद परिसर में विरोध दर्ज करा चुके हैं। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारे लिखी तख्तियां प्रदर्शित कर सरकार से जवाब मांगने की कोशिश की।

इस मुद्दे ने संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जहां इसे श्रद्धालुओं की आस्था और पारदर्शिता से जोड़ रहे हैं, वहीं पूरे मामले में जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।

FCRA संशोधन बिल पर भी खरगे का विरोध

खरगे ने अपने दौरे के दौरान प्रस्तावित विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA संशोधन विधेयक को लेकर भी कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रस्ताव का विरोध करेगी।

उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रस्तावित कानून को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई है।

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