गोंडा। उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल में धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर सरकार ने योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गोंडा के महाराजा सुहेलदेव मंडलीय सभागार में मंडल के चारों जिलों की पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में प्रस्तावित और निर्माणाधीन कुल 16 परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 18 करोड़ रुपये बताई गई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले छह महीने के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए।
छह महीने में काम पूरा करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों से परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति, निर्माण की गति और आने वाली अड़चनों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सकता है, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराया जाए।
धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का फोकस
जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने मां नंदन देवी, जंबूद्वीप और कपिल मुनि आश्रम जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के विकास का उल्लेख किया। इसके अलावा गोंडा और बलरामपुर के रामलीला मैदानों तथा प्राचीन शिवालयों के विकास कार्यों को भी गति देने की बात कही।
मंत्री ने बताया कि भगवान घनश्याम महाराज की जन्मस्थली स्वामी नारायण छपिया मंदिर के विकास के लिए करीब 22.18 करोड़ रुपये की लागत से योजना पर काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
राहुल गांधी के छात्र संवाद पर मंत्री का हमला
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जयवीर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए उठा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि छात्रों को निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था मिले तथा उनकी समस्याओं का समाधान समय पर किया जाए।

‘चंदा चोरी’ प्रदर्शन पर भी दिया जवाब
संसद के बाहर विपक्ष द्वारा किए गए ‘चंदा चोरी’ प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था को मजबूत करना भी है।
संभल हिंसा रिपोर्ट पर सपा को घेरा
संभल हिंसा से जुड़ी आयोग की रिपोर्ट को लेकर भी जयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि आयोग की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार का दावा
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के छात्रों और नई पीढ़ी को लेकर दिए गए बयान के संदर्भ में भी मंत्री ने परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया।
जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रतियोगी परीक्षाएं नकलविहीन और पूरी तरह पारदर्शी हों। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए कानूनों में बदलाव किए गए हैं और पेपर लीक या किसी अन्य प्रकार की सेंधमारी रोकने के लिए लगातार तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
बृजभूषण और सनातन के मुद्दे पर भी बयान
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के चुनाव लड़ने संबंधी बयान पर जयवीर सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर लगे आरोपों से वह कानूनी रूप से मुक्त हो चुका है तो उसे चुनाव लड़ने का अधिकार है।
वहीं राहुल गांधी के आवास पर संतों के प्रदर्शन को लेकर मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में सनातन और भारतीय संस्कृति को लेकर लगातार विरोध का रुख देखने को मिलता रहा है।
धार्मिक पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार की उम्मीद
देवीपाटन मंडल में धार्मिक स्थलों के विकास की इन योजनाओं से केवल श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
बेहतर सड़क, परिसर विकास, साफ-सफाई, पार्किंग, यात्री सुविधाएं और अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं विकसित होने से इन धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। इससे स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की संभावना है।