CJP National Working Committee: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन का ऐलान किया है। छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर दो दिनों तक चली बैठक के बाद 12 सदस्यीय कार्यसमिति के नाम और जिम्मेदारियों की घोषणा की गई।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि अभिजीत दीपके को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) बनाया गया है। वहीं मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को संगठन के सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
12 सदस्यीय टीम में किसे क्या जिम्मेदारी?
CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। संगठन के अनुसार, अजिंक्य शिंदे को राष्ट्रीय संगठन प्रभारी और दीपक बालियान को सह-संगठन प्रभारी बनाया गया है।
इसके अलावा आफरीन नवाज को राष्ट्रीय सचिव, विजय रेड्डी मल्लांगी को मीडिया प्रमुख, रत्ना सिंह को कानूनी मामलों की प्रमुख और वैष्णवी गौड़ को रिसर्च एंड पॉलिसी चीफ की जिम्मेदारी दी गई है।
रोहन देशपांडे को टेक्नोलॉजी चीफ और योगेश इंगले को फाइनेंस चीफ बनाया गया है। संगठन का कहना है कि कार्यसमिति के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में काम को व्यवस्थित करने और भविष्य में देशभर में संगठन का विस्तार करने की तैयारी की जा रही है।

अभी राजनीतिक दल नहीं बनेगी CJP
कार्यसमिति के गठन के बाद अभिजीत दीपके ने संगठन की आगे की रणनीति को लेकर भी जानकारी दी। उनके मुताबिक, फिलहाल CJP को औपचारिक राजनीतिक दल बनाने की योजना नहीं है।
संगठन का दावा है कि अगले छह महीनों में देशभर में स्टेट को-ऑर्डिनेशन कमेटियां बनाई जाएंगी। इसके साथ ही वेबसाइट के माध्यम से सदस्यता अभियान शुरू करने की योजना है।
CJP की ओर से छात्रों, युवाओं, प्रोफेशनल्स और वर्कर्स को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि पहले जमीनी स्तर पर काम को मजबूत किया जाएगा और उसके बाद व्यापक जनसमर्थन के आधार पर राजनीति में उतरने को लेकर फैसला लिया जाएगा।
देश के चारों हिस्सों तक पहुंचने की योजना
CJP ने संगठन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों में संगठनात्मक ढांचा तैयार करने की बात कही गई है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति में संगठन, मीडिया, कानून, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और वित्त जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के लिए जिम्मेदारियां तय किए जाने को इसी विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
छात्र आंदोलन से चर्चा में आया CJP
CJP पिछले कुछ समय से छात्र और युवा मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने युवाओं और छात्रों को जोड़कर आंदोलन खड़ा करने का दावा किया है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, संगठन की गतिविधियों में शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रमों के दौरान CJP का नाम सामने आया था।
संगठन की ओर से दावा किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्र और युवा इससे जुड़े। हालांकि, आंदोलन से जुड़े विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्तर पर आवश्यक है।
आगे क्या है CJP का प्लान?
राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन के बाद अब CJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को जमीनी स्तर पर विस्तार देने की होगी। छह महीने में राज्य स्तर की समितियां बनाने, सदस्यता अभियान चलाने और युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद संगठन राजनीतिक दल के रूप में आगे बढ़ेगा या नहीं, यह उसके बताए गए जनसमर्थन और भविष्य की रणनीति पर निर्भर करेगा।
फिलहाल CJP ने साफ संकेत दिया है कि वह सीधे चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय पहले संगठनात्मक आधार मजबूत करना चाहती है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 12 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति देशभर में संगठन को कितना विस्तार दे पाती है और युवाओं के बीच अपनी पकड़ कितनी मजबूत कर पाती है।