पाराशर ने 200 से ज्यादा युवा वकीलों को निःशुल्क भेंट की कई महत्वपूर्ण कानूनी किताबें

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Faridabad Aone News/ Dinesh Bhardwaj :देश के इतिहास में पहली बार किसी अदालत में युवा वकीलों को आगे बढ़ने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। फरीदाबाद बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर ने पहल लगभग एक साल पहले शुरू की थी जो अब तक जारी है। इस दौरान वकील पाराशर ने युवा वकीलों को 6 बार तरह-तरह की कानूनी किताबें निःशुल्क भेंट कर चुके हैं। यही नहीं कई बार अदालत के सीनियर वकीलों को भी पाराशर कानूनी किताबें भेंट कर चुके हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उन्होंने लगभग 200 युवा वकीलों को कई तरह की कानूनी किताबों का वितरण किया। इन किताबों में सेन्ट्रल सिविल ऐक्ट, क्रिमिनल मेजर ऐक्ट और लोकल एवं स्पेशल लॉ की किताबें शामिल थीं।

वकील पाराशर ने बताया कई सेन्ट्रल सिविल लॉ में 101 सिविल के ऐक्ट हैं जो अमेंडेड हैं और 2019 तक के लेटेस्ट लॉ के बारे में इस किताब में विस्तार से जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि क्रिमिनल मेजर ऐक्ट की किताब में 156 महत्वपूर्व ऐक्ट व् नियम की जानकारी दी गई है और इस किताब में भी 2019 तक की सभी जानकारियां दी गईं हैं। उन्होंने बताया कि तीसरी किताब जो लोकल एवं स्पेशल लॉ की है जिसमे कई महत्वपूर्ण ऐक्ट्स के हिंदी अनुवाद हैं। उन्होंने बताया कि एक और किताब भी युवा वकीलों को दी गई है जिसका नाम भूमि रिकार्ड व राजस्व क़ानून है और इस किताब में कई खास जानकारियां दी गईं हैं। उन्होंने बताया कि एक और किताब लॉ हेराल्ड भी वितरित की गई है और ये एक मैगजीन हैं और इसमें कुछ ऐसे जजों ने लेख लिखे है जो वकील से जस्टिस बन चुके हैं और उन्होंने बताया है कि असंभव कुछ भी नहीं है।

वकील पाराशर ने बताया कि इस मैगजीन में लेटेस्ट और ऐतिहासिक जजमेंट के बारे में जानकारी दी गई है जो सिविल और क्रिमिनल दोनों से सम्बंधित है। उन्होंने बताया कि इस मैगजीन में सर्विस लॉ से सम्बंधित मामलों की जानकारी दी गई है।

पाराशर ने बताया कि मैं चाहता हूँ कि फरीदाबाद के वकील भी जज बन सकें इसलिए मैं युवा वकीलों के लिए अपनी तरफ से वो सब कुछ कर रहा हूँ जो मैं कर सकता हूँ। उनके लिए निःशुल्क कोचिंग क्लास कई महीने से चलवा रहा हूँ जिसमे कई पूर्व जज और वरिष्ठ वकील युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस सेंटर में युवाओं को अंग्रेजी की ट्रेनिंग डीन रह चुके सत्येंद्र सिंह दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी वकील से न कभी कोई शुल्क लिया गया है न लिया जाएगा और आगे भी ये कोचिंग सेंटर जारी रहेगा। पाराशर ने बताया कि जिस दिन इस सेंटर से कोई वकील जज बन जाएगा उस दिन मुख्य बहुत खुशी होगी।

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