देश का अगला राष्ट्रपति दलित होना चाहिए : मांझी

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पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के सहयोगी जीतन राम मांझी ने कहा कि एक दलित को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए. मांझी की इस मांग ने इस कांग्रेस सहित भाजपा और गैर-भाजपा दोनों पक्षों के लिए एक दुविधा पैदा कर दी है.

हिंदुस्तान अवामी मोर्चा के अध्यक्ष मांझी ने प्रेस को दिए एक बयान में कहा, “भारत के अगले राष्ट्रपति को दलित होना चाहिए, क्योंकि यह वंचित वर्गों को सकारात्मक संदेश भेजकर सम्मान की भावना प्रदान करेगा.”

उन्होंने कहा कि, “यदि एक दलित देश के अगले राष्ट्रपति चुने गए तो यह एक जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक होगा. सभी राजनीतिक दलों को अगले राष्ट्रपति के रूप में एक दलित पर सर्वसम्मति के लिए आगे आना चाहिए.”

बिहार में मांझी के प्रमुख सहयोगी भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं को उनकी मांग पर विचार करना होगा.

बिहार के सत्तारूढ़ नेताओं के फैसलें के बाद जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस मिलकर मांझी के प्रस्ताव पर अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दिए हैं. गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई 2017 में समाप्त हो जायेगा.

बता दें कि अब तक दलित समुदाय से केवल के.आर. नारायणन को 1997 में भारत का राष्ट्रपति चुने गए था. उनका कार्यकाल 2002 में समाप्त हो गया था. नारायणन 1992 में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति चुने गए थे.

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