जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने रोमानिया की ऑरेल व्लाइकू युनिवर्सिटी से किया अकादमिक समझौता

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Faridabad Aone News/ Dinesh Bhardwaj: 10 नवम्बर। शैक्षणिक, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और सांस्कृतिक क्षेत्र में विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंध स्थापित करने और बढ़ावा देने के लिए जे.सी. बोस विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने रोमानिया की ऑरेल व्लाइकू युनिवर्सिटी आफ एराड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।ऑरेल व्लाइकू युनिवर्सिटी से दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें रेक्टर (कुलाधिसचिव) डॉ. रमोना लिले और प्रो वैलेंटीना एमिलिया बालास शामिल थीं, ने जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, फरीदाबाद का दौरा किया तथा दोनों विश्वविद्यालय के अधिकारियों की परस्पर बातचीत के उपरांत समझौते पर सहमति बनी। समझौते पर रेक्टर डॉ. रमोना लिले तथा जेसी बोस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दिनेश कुमार द्वारा हस्ताक्षर किए गए।इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग के अध्यक्ष डॉ. कोमल कुमार भाटिया, कंप्यूटर अनुप्रयोग के अध्यक्ष डॉ. अतुल मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय मामले प्रकोष्ठ की निदेशक डॉ. शिल्पा सेठी और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उपस्थित थे। मझौता का उद्देश्य ऑरेल व्लाइकू युनिवर्सिटी के साथ अकादमिक साझेदारी में सहयोग करना है जिसमें अनुसंधान सहयोग, परस्पर संकाय, शोधकर्ता, विद्यार्थी विनिमय कार्यक्रम, प्रकाशनों, शैक्षिक कार्यक्रमों और सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं का आदान-प्रदान शामिल हैं।प्रो. वैलेन्टिना ने ऑरेल व्लाइकू युनिवर्सिटी, इसके शैक्षणिक कार्यक्रमों और अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों, विशेष रूप से कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त कार्यक्रमों के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने आईटी, इंजीनियरिंग और प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यशालाओं के आयोजन के अलावा, व्याख्यान, सेमिनार, वैज्ञानिक सम्मेलन, परस्पर हित के क्षेत्रों में विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व को बताया। इस अवसर पर जे. सी. बोस विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं कार्यक्रमों पर भी एक संक्षिप्त प्रस्तुति भी दी गई।कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एक विश्वविद्यालय में विश्व स्तर पर सक्षम शैक्षणिक और अनुसंधान प्रणाली के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जे.सी. बोस विश्वविद्यालय अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है ताकि शिक्षण, अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच विनिमय कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय माहौल से सीखने और अनुभव करने के लिए दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एक अवसर प्रदान करेगा। कुलपति ने दोनों संस्थानों द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषयों की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से संयुक्त अनुसंधान टीमों के गठन पर की भी इ‘छा व्यक्त की।

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