हरियाणा के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ० बनवारी लाल ने कहा कि गर्मियों के मौसम के दौरान राज्य के किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं आने दी जाएगी

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Chandigarh Aone News/ Dinesh Bhardwaj : 9 मई- हरियाणा के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ० बनवारी लाल ने कहा कि गर्मियों के मौसम के दौरान राज्य के किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं आने दी जाएगी, यदि किसी कारणवश कुछ स्थानों पर पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाएगी तो वहां पर पेयजल की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न स्थानों पर 342 टयूववैलों को लगाया जाएगा ताकि लोगों को सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकें। 
यह निर्देश उन्होंने आज यहां जनस्वास्थ्यय एव अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से हुई एक बैठक में गर्मियों व बाढ़ से संबधित तैयारियों की समीक्षा करते हुए दिए। 
  उन्होंने कहा कि विभाग ने वर्ष 2018-19 के लिए पहले ही ग्रीष्मकालीन तैयारी के संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं और वर्ष 2018-19 के दौरान अब तक 933 टैंकरों की आपूर्ति पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन स्थानों पर पेयजल की समस्या है वहां पर संबंधित जिला प्रशासन के परामर्श से पानी के टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए और कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में गर्मी की तैयारी की जांच करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कमी के संबंध में उसे तत्काल संशोधित किया जाना चाहिए। 
उन्होंने बैैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों के लिए टयूबवैलों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, उन क्षेत्रों में जल्द से जल्द टयूबवैल लगाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर 342 टयूबवैलों को स्थापित किया जाना हैं, जिनका कार्य शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन टयूबवैलों को शीघ्र अति शीघ्र स्थापित करने के लिए सरकारी मशीनरी के साथ-साथ निजी ठेकेदारों के माध्यल से भी स्थापित करवाया जाएगा ताकि लोगों को जल्द से जल्द से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। 
        मंत्री ने कहा कि विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में पेयजल आपूर्ति के संबंध में सभी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और कम से कम समय में इन समस्याओं का हल किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीने के पानी की समस्या की वजह से लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘शिकायत निवारण केन्द्र’ के माध्यम से ऑनलाइन मिलने वाली शिकायतों का नियमित रूप से निगरानी की जानी चाहिए और यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निर्धारित समय के भीतर शिकायतों का निपटारा कर लिया गया है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018-19 में अब तक  3706 में से 2025 शिकायतों का निपटान कर दिया गया है। 
डॉ बनवारी लाल ने कहा कि राज्य में पेयजल आपूर्ति नहर आधारित जल कार्यों और ट्यूबवेल्स आधारित जल कार्यों के माध्यम से प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि नहर आधारित पानी उस क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाता है जहां भूमिगत पानी पीने योग्य नहीं है। इसी प्रकार, ट्यूबवेल्स उन क्षेत्रों में उपलब्ध कराए जाते हैं जहां भूमिगत पानी पीने योग्य है। उन्होंने बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग के कुछ वाटर टैंक खुले में हैं उनको किसी भी प्रकार से ढकने की भी व्यवस्था की जाए ताकि किसी भी प्रकार की कोई वस्तु उन टैंकों में न गिर सकें। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को नाबार्ड की परियोजनाओं व सैनेटरी बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णयों को जल्द से जल्द लागू करने की भी निर्देश दिए। 
        उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 16 मई, 2017 को जल संरक्षण अभियान शुरू किया गया यह अभियान अभी भी जारी है। इस अभियान के तहत, रिसाव और कटे हुए कनेक्शन की पहचान करने जैसी गतिविधियां, नए जल कनेक्शन की मंजूरी इत्यादि की जानकारी के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस अवधि के दौरान, राज्य में 2103 गांवों में 9,6,0,082 घर को कवर किया गया है और 45,198 टैप स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि 1,50,400 जल कनेक्शन मंजूर किए गए हैं और राजस्व के रूप में 9.40 करोड़ रुपये एकत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 4260 अवैध कनेक्शनों का भी काटा गया है। 
        उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नहर चलने की अवधि के दौरान नहर आधारित जल कार्यों पर सभी भंडारण और तलछट (सैडीमेंटेशन) टैंक को सुनिश्चित किया जाए और सिंचाई विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन के साथ उचित संपर्क बनाए रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की दिक्कत आती है तो उसे उच्च अधिकारियों के नोटिस में लाया जाना चाहिए।
        मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी के नमूनों की जांच की बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए और पखवाड़े रिपोर्टों को प्रयोगशाला के अनुसार भेजा जाना चाहिए, यदि कोई नमूना असफल पाया जाता है, तो सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने हेतू दोषों के सुधार के बाद सभी सावधानी पूर्वक कदम उठाए जाने चाहिए और पुन: नमूनाकरण किया जाना चाहिए। मंत्री ने निर्देश दिये कि बाढ़ की तैयारी का जायजा भी क्षेत्र में दौरे के दौरान लिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पंपिंग सेट काम करने की स्थिति में हैं और सीवरेज और तूफान प्रणाली को पहले ही साफ कर दिया जाना चाहिए।  
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे गर्मियों के मौसम में पानी को व्यर्थ में न बहाएं, क्योंकि जल है तो कल है। उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी से जहां पानी की किल्लत होती है वहीं लोगों को परेशानी का सामना करना पडता हैं, इसलिए जहां तक हो सकें पानी की बचत करें। उन्होंने कहा कि खुले में चल रहे पानी के लिए पानी की टूटी लगाए और पानी प्रयोग के पश्चात इस पानी की टूटी को बंद कर दें ताकि पानी की बचत हो सकें। 
इसी प्रकार, उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि वे गर्मियों में अपनी वाहनों की धुलाई पाईप के माध्यम से करने से बचें, बल्कि वे अपने वाहनों को गिले कपड़े से साफ करें। वहीं, सिंचाई में भी टपका सिंचाई व फव्वारा सिंचाई को अधिक से अधिक प्रयोग लोगों द्वारा किया जाना चाहिए, इन विधियों के माध्यम पानी की बर्बादी कम से कम होती है और उदेश्य की पूर्ति अधिक होती है। बैठक में विभाग के वरिष्ठï अधिकारी भी उपस्थित थे।  

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