पेट के ‘कैंसर’ में कारगर साबित हो सकते है ‘सुखे बैर’ जानिए कैसे?

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नई दिल्ली. दुनिया में आज एक से बढ़कर एक बिमारी जन्म ले रही है. जिसमें कैंसर के मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. कैंसर के मामले में अज्ञानता और लापरवाही के कारण ही कई जाने चली जाती हैं. अगर वक्त रहते इसका इलाज नहीं होता है तो यह बहुत गंभीर रुप ले लेता है. जिसके कारण लोग आये दिन परेशान हो रहे है आज हम आपको आंतों की लगातार सूजन से होने वाले पेट के कैंसर से बचने के उपाय बता रहे हैं. कई सारे शोध से ये बात साबित हुई है कि सूखे बेर से कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मदद मिलती है.

इम्यून सिस्टम के लिये फायदेमंद

सूखे बैर को खाने से हम पेट में कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोक सकते है. बेर में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कॉपर, कैल्शियम और आयरन और खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं. जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. जिससे शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है. साथ ही  इंफेक्शन से लड़ने में भी मदद मिलती है.

शोध के अनुसार

मैसाचुसेट्स में हुए जीवविज्ञान सम्मेलन में टेक्सस के ए एंड एम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर नैंसी टर्नर की अध्यक्षता में ये बात सामने आयी है कि सूखे बेर में कोलोन माइक्रोबिया या गट बैक्टिरिया को मेंटेन करने की क्षमता है मतलब इसकी मदद से पेट के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है.

नैंसी टर्नर ने बोस्टन में हुए एक कॉनफ्रेंस में ये प्रमाणित किया है कि इंटेस्टाइन में बैक्टीरिया के करीब 400 स्पेसिस पाए गए हैं. यदि आप सूखे बेर का सेवन शुरू कर दें तो आपके शरीर को कैसर से लड़ने वाले ज़रूरी एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त हो जाते हैं. एंटीऑक्सीडेंट में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के बुरे प्रभाव को खत्म करने की काबिलियत होती है जिससे कैंसर की रोकथाम में मदद मिलती है. हम आपको बता दें कि सूखे बेरों में घुलनशील, अघुलनशील फाइबर हैं जो ताजे बेर में नहीं होते इसलिए कैंसर की रोकथाम और बचाव के लिए सूखे बेर का ही सेवन करें.

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