सीमा त्रिखा ने कहा- श्री राधारानी जी के मुख से भागवत सुनने का अनुभव मानों ह्रदय में प्रतीत हो रहा

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Faridabad Aone News/ Dinesh Bhardwaj : जिस लीला में कृष्ण भक्ति का रस भरा है,उसी का नाम रास लीला है। भगवान जीव का अहंकार नही रहने देते। कामदेव का अभिमान दूर करने के लिए श्री कृष्ण ने रासलीला रचाई। जहां श्याम वहां काम नहीं,जहां काम नहीं श्याम। ये उदगार गोवर्धन धाम से पधारी परम विदुषी श्री राधारानी जी ने श्री तत्कालेश्वर शिव मंदिर मार्किट नम्बर-5 मेें चल रही श्रीमद़ भागवत कथा महोत्सव के छठे दिन व्यास पीठ से प्रकट किए। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक श्रीमति सीमा त्रिखा उपस्थित थी। श्री राधारानी जी ने श्रीकृष्ण का गोकुल छोडक़र मथुरा गमन का विरह प्रसंग सुनाया तो सभी भक्तों की आंखों में अश्रुधारा बहने लगी। इस अवसर पर श्रीमति सीमा त्रिखा ने कहा कि श्री राधारानी जी के मुख से भागवत सुनने का एक अलग ही दिव्य अनुभव मानों ह्रदय में प्रतीत हो रहा है। उन्होनें कहा कि उनके मुख से निकला एक एक शब्द बड़ा प्रभावशाली एवं भावनाओं को पवित्र बना देने वाला है। आज कथा में आचार्य श्री रविकांत जी के निर्देशन में प्रस्तुत झांकियों से सभी भक्तजन मानों वृन्दावन पहुंच गए हो। आज श्रीकृष्ण रक्मणी विवाह की बड़ी ही मनोहरी झांकी प्रस्तुत की गई। कथा संयोजक प्रधान हर्ष मल्होत्रा,महासचिव बंसीलाल कुकरेजा,कोषाध्यक्ष सुनील महाजन आदि एवं पदाधिकारीगण एवं महिला संत्सग मड़ली ने श्रीकृष्ण रूक्मणी जी का पूजन कर नाच गाकर विवाह उत्सव मनाया।

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