हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों का एक दल हरियाणा का दौरा करेगा। 

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Chandigarh Aone News/ Dinesh Bhardwaj : 9 मई- हिमाचल प्रदेश हरियाणा की विश्व प्रसिद्ध मुर्राह नस्ल भैंस व साहीवाल गायों के फार्म खोलने में प्रदेश से सहयोग लेगा और इसके लिए 15 दिनों में हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों का एक दल हरियाणा का दौरा करेगा। 

यह निर्णय हरियाणा के पशु पालन व डेयरिंग एवं मत्स्य पालन श्री ओम प्रकाश धनखड़ व हिमाचल प्रदेश के पशु पालन मंत्री श्री वीरेन्द्र कंवर जो उनसे शिष्ट्रïचार भेंट करने उनके चण्डीगढ़ स्थित सरकारी आवास में आए थे से बातचीत के दौरान लिया गया। 
 श्री धनखड़ ने हरियाणा सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में विकास एवं पंचायत, कृषि एवं किसान कल्याण और मत्स्य पालन में लिये गए महत्वपूर्ण निर्णयों व योजनाओं के बारे श्री वीरेन्द्र कंवर को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पढ़ी-लिखी पंचायतें देने के बाद जिला परिषदों को 10 करोड़, पंचायत समितियों को दो करोड़ तथा पंचायतों को 20 लाख रुपये तक के विकास कार्य  करवाने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने इस बात से भी अवगत करवाया कि प्रदेश के गांवों में ग्राम गौरव पट्ट लगवाने की योजना आरम्भ की है, जिसमें गांव के स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर शहीदों, खिलाडिय़ों व अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट प्रदर्शन करने के लिए उनके नाम इन गौरव पट्टों पर लिखे गए हैं। श्री धनखड़ ने अपने गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके गांव के 19 शहीदों के नाम ग्राम गौरव पट्ट पर लिखे गए हैं। उन्होंने बताया कि ब्रिगेडियर सुरेन्द्र सिंह, जो वर्तमान में नागालैंड में तैनात हैं, उनकी तीन पीढिय़ों के नाम इन पट्टों पर अंकित हैं। जब उनको इस बात की जानकारी दी गई तो वे विशेष रूप से गांव आए और उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके स्वयं के परदादा चौधरी रूप चंद, जिन्होंने गांव में पहला स्कूल व डाकघर खुलवाया था, का नाम भी दानवीरों की सूची में लिखा गया और एक मंत्री के नाते उनके स्वयं का नाम भी गांव के  गौरव पट्ट पर लिखा गया। इस पर हिमाचल प्रदेश के पशु पालन मंत्री श्री वीरेन्द्र कंवर ने इस बात के लिए सरकार की सराहना की। 
श्री धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के लक्ष्य को मूत रूप देने की हरियाणा ने पहल की है। राज्य की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पैरी अर्बन एग्रीकल्चर अवधारणा पर तेजी से कार्य हो रहा है ताकि किसानों की कुल आय प्रति एकड़ कम से कम एक लाख रुपये सुनिश्चित हो। 
श्री धनखड़ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादन के लिए जाना जाता है। इसके अलावा यहां बागवानी व अन्य औषधीय पौधों की खेती की भी ज्यादा सम्भावनाएं है। 
उन्होंने बताया कि इजराइल के सहयोग से हरियाणा में सब्जी व उष्णकटिबंधीय फलों के उत्कृष्टता केन्द्र खोले जा रहे हैं। अब लाला लाजपराय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, हिसार में आधुनिक डेरी की स्थापना भी की जा रही है। देसी गाय का ए-2 मिल्क विटा बूथों पर बिक्री के लिए उपलब्ध करवाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। श्री धनखड़ ने हिमाचल प्रदेश के पशु पालन मंत्री श्री वीरेन्द्र कंवर को इस बात से भी अवगत करवाया कि गत दिनों ब्राज़ील के दौरे पर गए थे। हरियाणा पशुपालन विभाग की और ब्राज़ील मे विकसित भारतीय नस्लों का हमारी नस्लों के सुधार के लिये उत्कृष्टता केंद्र खोलने व उनके सीमैन, सैक्सड सीमैन, जैनेटिक मैटेरियल को हरियाणा मे नस्ल सुधार के लिये हरियाणा लाने के आश्यपत्र पर हस्ताक्षर किए गए है। ब्राजील की ये नंबर वन नस्ले अब वापस भारत लौटकर अपने पूर्वजों की नस्लों को सुधरेंगी।
श्री धनखड़ ने आश्वासन दिया कि हिमाचल प्रदेश को जितना हरियाणा की ओर से सहयोग सम्भव होगा उसे पूरा किया जाएगा। 
इस अवसर पर हरियाणा गौ सेवा भानी राम मंगला, मत्स्य पालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री पी.के.महापात्रा, पशुपालन एवं डेरिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, सुनील गुलाटी, महानिदेशक, डॉ० जी.एस.जाखड़, हिमाचल प्रदेश के पशुपालन विभाग के उपनिदेशक, डॉ० वी.के.भारद्वाज, मनीष भट्ट व डॉ० अनुपम मित्तल के अलावा हरियाणा सरकार के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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