पहले ही टेस्ट में फेल हुए मनन : गांधी

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एवन न्यूज़, जालंधर :(नीरज सिसोदिया) नगर निगम चुनाव में करारी हार के बाद पंजाब अकाली दल के जनरल सेक्रेटरी और पूर्व पार्षद कमलजीत सिंह गांधी ने अपनी ही पार्टी के जिला प्रधान कुलवंत सिंह मनन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. गांधी ने मनन की प्रधानगी पर सवालिया निशान लगाते हुए उन्हें सबसे नाकाबिल प्रधान करार दिया है. साथ ही गांधी ने बीजेपी जिलाध्यक्ष रमेश शर्मा पर भी जमकर हमला बोला.

गांधी ने कहा कि अकाली दल का अगर कोई दमदार जिला प्रधान होता तो नगर निगम चुनाव के परिणाम कुछ और ही होते. उन्होंने कहा कि कुलवंत सिंह मनन अपने पहले ही टेस्ट में फेल हो गए हैं. गांधी ने कहा कि गठबंधन के सहयोगी बीजेपी के आगे मनन की ओर से घुटने टेक देने के कारण अकाली दल को गत निगम चुनाव में इतना बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है उन्होंने यह भी कहा कि कहीं ओबरॉय की टिकट काट कर दूसरे को दे देना कहीं बीजेपी के कद्दावर नेताओं के कहने पर टिकट देना कहीं अपने पार्टी के उम्मीदवारों की सुध न लेना अकाली दल की हार का सबसे बडा कारण रहा.

गांधी ने कहा कि निगम चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं ने अकाली दल के उम्मीदवारों को यह कहकर हराया की विधानसभा चुनाव में अकाली उम्मीदवारों ने भाजपा के उम्मीदवारों को जिताने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जबकि यह बिल्कुल गलत है. बीजेपी के अपने वर्कर ही नहीं चाहते थे कि भाजपा प्रत्याशी जीते जबकि अकाली दल के नेताओं ने  विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरा जोर लगा दिया था।  निगम चौराहा चुनाव के दौरान चाहे मनजीत सिंह  टीटू हो प्रवेश टांगरी हो प्रीतम सिंह बस्ती मिट्ठू हो या फिर कोई अन्य अकाली उम्मीदवार चुनाव के दौरान यह गुहार लगाते रहे कि बीजेपी  खुलकर हमारे खिलाफ प्रचार कर रहे हैं लेकिन अकाली दल के जिला प्रधान कुलवंत सिंह मनन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी अब सांप निकलने के बाद लकीर पीटने से क्या फायदा समय रहते अगर केंद्रीय नेतृत्व तक यह शिकायतें पहुंचाई जाती तो परिणाम कुछ और होता विस चुनाव में अकाली दल के वर्कर बीजेपी उम्मीदवारों को जिताने की कोशिश जी जान से करते रहे पर बीजेपी का अपना वर्कर ही अपने लीडर को जिताना नहीं चाहता था.

अब दोष अकाली दल को दिया जा रहा है! मनन प्रधान जी के बाद अपने पहले ही इम्तिहान में फेल बुरी तरह से फेल हो गए हैं. अब वह बीजेपी की शिकायत हाईकमान से करने की बात कह रहे हैं. चुनाव में कांग्रेस की ओर से अकाली उम्मीदवारों के साथ की गई धक्केशाही के के खिलाफ भी कुलवंत सिंह कहीं भी अकाली वर्करों के साथ खड़े नजर नहीं आए यही वजह रही कि अकाली उम्मीदवार खुद को एकदम अकेला पा रहे थे.

गांधी ने कहा कि अगर अकाली हाईकमान ने अभी कोई नोटिस नहीं लिया तो लोकसभा चुनाव में और गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. गांधी ने प्रधान मंडन पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र में अकाली दल के हिस्से में आई कई सीटों पर उम्मीदवार भाजपा नेता कहने पर उतारे गए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी ने भी अकाली दल के प्रधान के कहने पर कोई सीट  दी या बदली. गांधी ने कहा कि निगम चुनाव के दौरान ऐसा लग रहा था जैसे अकाली दल के प्रधान ने अकाली दल को भाजपा के पास गिरवी रख दिया तो उन्होंने कहा कि अकाली दल का इतिहास गौरव पूर्ण रहा है जिसे अकाली दल के जिला प्रधान ने मिट्टी में मिला दिया है. गांधी ने बीजेपी जिला अध्यक्ष रमेश शर्मा के उस बयान पर पलटवार करते हुए कहा की शर्मा ने  कहा था कि अकाली दल  के जो उम्मीदवार जीते हैं उनसे पूछा जाए कि वह किसकी वोट से जीते हैं गांधी ने कहा कि परमजीत सिंह  रेरू समेत कुछ परिषद पहले ही कह चुके हैं कि वह अपने बूते जीते हैं बीजेपी नेताओं ने तो उन्हें भी हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. गांधी ने कहा कि मंडल में आज तक उन अकाली वर्करों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं की जो चुनाव के दौरान अपनी ही पार्टी के उम्मीदवारों का विरोध कर रहे थे.

गांधी ने कहा कार्रवाई करना तो दूर अब तक जिला प्रधान में इसका संज्ञान तक नहीं लिया है. बता दें कि विगत निगम चुनाव में सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया और पूर्व पार्षद प्रीतम सिंह बस्ती मिट्ठू को अपनी ही पार्टी के वर्करों के विरोध का सामना करना पड़ा था. गांधी ने ऐसे सभी वर्करों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने मंडल को पूरी तरह फेल साबित करते हुए केंद्रीय नेतृत्व से मामले में हस्तक्षेप कर बीजेपी के साथ गठबंधन पर विचार करने की अपील की है.

 

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