दलित/ओबीसी को खुश करने के चक्कर में कहीं बीजेपी खो न दे अपना मूल वोटबैंक

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नई दिल्ली– पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार इन दिनों दलित और ओबीसी पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रही है. अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने दलित-ओबीसी समुदाय से जुड़े तीन अहम फैसले लिए हैं. सरकार के इस कदम का मकसद चुनावी राजनीति में अहम इन दो समुदायों को साधना है बीजेपी दलित-ओबीसी वोटों की खातिर अपने मूलवोट बैंक को को दांव पर लगा रही है अंबेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल कहते हैं कि एसी/एटी  एक्ट पर सरकार का फैसला काफी महत्वपूर्ण है. दलित समुदाय के लिए एसी/एटी  एक्ट लाइफलाइन है. ये दलितों के हर वर्ग के लिए काफी अहमियत रखता है. जबकि मोदी सरकार के फैसले से सवर्ण और ओबीसी नाराज हो सकता है. बीजेपी को सवर्ण वोटों की नाराजगी का खामियाजा राजस्थान के अलवर और अजमेर लोकसभा सीट के उपचुनाव में उठाना पड़ा था.

#Aonenewstv Edited by Pankaj kumar

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